भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के चेयरमैन आरएस शर्मा के अपना आधार नंबर ट्वीट करने की जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली। उनकी तरफ से सभी को इस नंबर के जरिए जानकारी जुटाकर उन्हें नुकसान पहुंचाने की चुनौती पर लोगों ने उनकी कई निजी जानकारियां अपडेट कर दीं। लेकिन शर्मा ने इन सभी को उत्तर देते हुए लिखा कि ये जानकारियां कोई स्टेट सीक्रेट नहीं हैं।
कई अन्य लोगों ने भी यह कहा कि शर्मा सरकार में सचिव पद पर हैं। उनका मोबाइल नंबर, घर का पता आदि आसानी से जाना जा सकता है।
हालांकि शर्मा ने इस बात की पुष्टि नहीं की कि उनका सार्वजनिक किया गया पैन नंबर सही है या नहीं। देर रात तक कई बार अपनी पोस्ट पर लोगों को जवाब देते रहे शर्मा ने आखिर में ये कहकर सभी से विदा ली कि चुनौती आधार की जानकारियों से मुझे नुकसान पहुंचाने की थी। आप कोशिश करते रहिए।
इससे पहले एक यूजर ने सवाल उठाया कि यदि उसने उनके आधार नंबर की जानकारी सार्वजनिक कर दी तो क्या उस पर कानूनी कार्रवाई होगी तो शर्मा ने उसे जवाब दिया कि आप दिखाओ मेरे दोस्त, वादा करता हूं कि मैं आपके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करूंगा।
हालांकि जब शर्मा से इस संबंध में संपर्क किया गया तो उन्होंने ये कहकर किसी टिप्पणी से इनकार कर दिया कि चुनौती को थोड़ा और समय तक चलने दो। हालांकि कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि मोबाइल जान लेने से भी आखिर किसी को क्या नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
शर्मा ने आधार नंबर ट्वीट करने का काम जस्टिस श्रीकृष्ण कमेटी की डाटा की सुरक्षा को लेकर दी गई उस रिपोर्ट के एक दिन बाद उठाया है, जिसमें जस्टिस श्रीकृष्ण ने आधार अधिनियम में संशोधनों के अलावा आधार धारकों की जानकारी सुरक्षित करने के लिए कुछ नए सुरक्षा कवच अपनाने का प्रस्ताव दिया है।