महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे
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कोरोना महामारी के चलते इस साल शिवसेना की परंपरागत दशहरा रैली पर भी ग्रहण लग गया है। शिवसेना ने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में लिखा कि लाखों लोग विचारों का सोना लूटने के लिए शिव तीर्थ यानी शिवाजी पार्क में इकट्ठा होते हैं लेकिन इस समय कोरोना के चलते ऐतिहासिक दशहरा सम्मेलन का भविष्य अंधेरे में है।
‘सामना’ में लिखा कि दशहरा के दिन शिवाजी पार्क में एक तरह से शिवसेना का सांस्कृतिक उत्सव होता है। कई तूफानों के बावजूद यह रैली परंपरागत रूप से आज तक होता आया है। लेकिन इस बार कोरोना महामारी के चलते दशहरा रैली होने की संभावना नहीं है। मुखपत्र में लिखा कि लोगों ने ईद नहीं मनाई।
मुखपत्र में लिखा कि गणेशोत्सव में इस साल गणपति कब आए और कब चले गए पता ही नहीं चला। महाराष्ट्र में शिवसेना का मुख्यमंत्री होते हुए भी शिवसैनिकों के उत्साह को नियंत्रित कैसे किया जाए, यह बड़ा सवाल है। स्थापना के बाद से ही दादर के शिवाजी पार्क में प्रतिवर्ष दशहरा रैली होती रही है।
दिवंगत शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे इसी दशहरा रैली में पार्टी की भूमिका तय करते थे। उनका भाषण शिवसैनिकों के लिए आदेश होता था। उनके पुत्र उद्धव ठाकरे भी बीते सात साल से इस परंपरा का निर्वाह कर रहे हैं। वहीं, शिवसेना के सूत्र बताते हैं कि इस बार पार्टी वर्चुअल तरीके से दशहरा रैली करने की योजना बना रही है।