फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

होलिका दहन से पहले जला चीनी सामान, चीन ने कहा- पंसद हो या नहीं इस्तेमाल तो करना होगा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Shilpa Thakur Updated Wed, 20 Mar 2019 09:16 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
व्यापारियों ने जलाया चीनी सामान - फोटो : ANI

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) पर हुए आत्मघाती हमले के बाद भारत इसके गुनहगार यानी मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करना चाहता है। इस कोशिश में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चीन को छोड़कर बाकी सभी देशों ने भारत का साथ भी दिया। लेकिन चीन ने लगातार चौथी बार भारत की इस कोशिश को रोक आतंकी मसूद को बचाया है। इस घटना के बाद से ही देशभर के लोगों में चीन के प्रति गुस्सा है।



इसी के मद्देनजर भारत में होलिका दहन से पहले चीनी सामान को जलाया गया है। झारखंड के जमशेदपुर में व्यापारियों ने चीनी सामान को जलाया। व्यापारियों ने यहां बिस्तुपुर बाजार में चीनी खिलौने, मोबाइल फोन, सीसीटीवी कैमरा, फुटवियर, कपड़ों और अन्य सामानों को जलाकर चीन के प्रति विरोध जताया है। दिल्ली में भी व्यापारियों ने चीनी सामान को जलाया है। इसके साथ ही भारत में चीन के सामान को बॉयकॉट करने की मांग भी उठ रही है।  

क्या कहना है चीन का?

भारतीयों के ऐसा करने की जानकारी मिलते ही अब चीन का बयान भी सामने आया है। यहां के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स का कहना है कि भारीय को पसंद हो या नहीं उन्हें चीनी सामान का इस्तेमाल तो करना होगा। इस लेख में लिखा है कि भारत का विनिर्माण उद्योग अभी भी अविकसित है और इसमें प्रतिद्वंद्विता की क्षमता नहीं है। इसी वजह से यहां 'बॉयकॉट चाइनीज प्रॉडक्ट्स' मुहिम असफल हो गई है।



चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े इस अखबार में कहा गया है कि 'कुछ भारतीय विश्लेषक मेड इन चाइना सामान के बहिष्कार की बात कर रहे हैं। विशेष तौर पर तब से जब से मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रयास को यूएन में चीन द्वारा रोका गया है। ट्विटर पर हैशटैग बॉयकॉट चाइनीज प्रॉडक्ट्स भी काफी लोकप्रिय रहा। लेकिन इतने सालों में ये बहिष्कार कितना सफल हुआ? ये इसलिए क्योंकि भारत खुद सामान का उत्पादन नहीं कर सकता है।' 


इस लेख में कहा गया है कि लोगों का ध्यान चीन की ओर भटकाने से देश के भीतर की समस्याएं हल नहीं होंगी। इस अखबार ने देश के नेताओं से कहा है कि ट्विटर पर नारे लगाने की बजाय देश को मजबूत करें। 

और पढ़ें...
विज्ञापन
विज्ञापन
Next