Bombay HC: हाईकोर्ट ने जस्टिस ए.एस. चंदुरकर और राजेश पाटिल ने कहा कि वे छह सितंबर को ट्रेडमार्क मामले पर अगली सुनवाई करेंगे। तब तक पुणे की कोर्ट का 2012 का आदेश जारी रहेगा, जिसमें रेस्तरां को 'बर्गर किंग' नाम का इस्तेमाल करने से रोका गया था।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को बर्गर किंग को राहत दी। कोर्ट ने पुणे के एक रेस्तरां को बर्गर किंग नाम का इस्तेमाल करने से रोक दिया है। यह रोक छह सितंबर तक के लिए है।
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पुणे की कोर्ट ने पहले बर्गर किंग की याचिका खारिज कर दी थी। जिसके बाद उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में उसने कहा था कि पुणे का एक रेस्तरां बर्गर किंग ट्रेडमार्क का उल्लंघन कर रहा है। हाईकोर्ट ने जस्टिस ए.एस. चंदुरकर और राजेश पाटिल ने कहा कि वे छह सितंबर को मामले पर अगली सुनवाई करेंगे। तब तक पुणे की कोर्ट का 2012 का आदेश जारी रहेगा, जिसमें रेस्तरां को 'बर्गर किंग' नाम का इस्तेमाल करने से रोका गया था।
बर्गर किंग ने अपनी याचिका में कहा कि रेस्तरां द्वारा उसके नाम का इस्तेमाल करने से उन्हें भारी नुकसान हो रहा है और उनकी छवि खराब हो रही है। पुणे की कोर्ट ने 2011 का मुकदमा खारिज कर दिया था, क्योंकि पुणे का रेस्टोरेंट 1992 से चल रहा था जबकि अमेरिकी कंपनी बर्गर किंग भारत में 1996 में आया था। बर्ग किंग ने हाईकोर्ट में यह भी दलील दी कि पुणे की कोर्ट ने गलती से मान लिया कि रेस्तरां ने नाम का उपयोग पहले किया था।
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रेस्तरां के वकील ने अभिजीत सरवटे ने कहा कि उनके मुवक्किल लंबे समय से बर्गर किंग नाम का उपयोग कर रहे हैं और अब उन्हें नुकसान हो रहा है। हाईकोर्ट ने शुरू में कहा कि अगले महीने मामले में अंतिम सुनवाई की जाएगी। लेकिन सरवटे ने दलील दी कि रेस्तरां मालिकों को पिछले दस वर्षों से परेशानी का सामना करना पड़ा है, इसलिए तत्काल सुनवाई की जाए। अब हाईकोर्ट ने पहले कंपनी की याचिका पर सुनवाई करने का फैसला किया है।