बंगलूरू से सिक्किम घुमने आए राधवेंद्र ने कहा, मैं तीन तारीख को लाचेन पहुंचा था। और अगले ही दिन यह हादसा हो गया, लेकिन इतना कुछ होने के बावजूद भी हमको किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई। भारतीय सेना और स्थानीय पुलिस ने पूरी मदद की। स्थानीय लोगों ने इस दौरान जो सहयोग किया वह कभी भूल नहीं पाऊंगा। बहुत प्यार दिया। सिक्किम सरकार ने भी किसी तरह की कोई परेशानी नहीं आने दी। सब कुछ मिला। भारतीय सेना की तो बात ही मत कीजिए। अपने परिजन की तरह रखा। स्थानीय लोगों का प्यार कभी भूल नहीं पाउंगा। एक अन्य पर्यटक ने कहा, मैं लाचेंग में फंस गया था। सिक्किम पिपुल्स आर अमेजिंग। लोगों ने हमारा बहुत ख्याल रखा। भोजन दिया। एक पर्टयक ने कहा, होटल वालों ने हमसे पैसे तक नहीं लिए। होटल में गैस खत्म हो गया था। स्थानीय लोगों ने अपने घरों से गैस सिलेंडर लाकर होटल वालों को दिया।
आंध्रप्रदेश के रहने वाले विजय ने बताया कि वे लाचेन में फंस गए थे। उन्होंने कहा, सिक्किम के लोग बहुत ही मददगार हैं। वे बहुत ही प्यारे हैं। उन्होंने हमारी हर प्रकार से मदद की। हमें किसी तरह की कमी का अहसास नहीं होने दिया। उन्होंने कहा, आई लव सिक्किम। भारतीय सेना को सैल्यूट, उनकी मदद से हम यहां तक पहुंच पाए।
बंगाल की रहने वाली कोकोली दास ने कहा, आज जब हम अंतत: बाहर निकल कर आ गए हैं। ऐसा लग रहा है जैसे नया जन्म हुआ हो। कानपुर के एक पर्यटक ने कहा, वे लाचेन में फंसे हुए थे। उनको यहां किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आई। स्थानीय लोगों ने बहुत मदद की। भारतीय सेना ने हमको घर बात कराई। यह एक अलग अनुभव था। इस घटना ने बता दिया कि अगर हम चाहें तो आज भी हम लोगों से जुड़ सकते हैं। आज भी मानवता जिंदा है। स्थानीय लोगों का बहुत सहयोग मिला। अगर दोबारा मौके मिला था, फिर आएंगे। स्थानीय लोगों ने भोजन की व्यवस्था की। भारतीय सेना हर संभव प्रयास कर रही है।
एक अन्य पर्यटक ने कहा कि भले ही हम पिछले कई दिनों से फंसे रहे। लेकिन आज जब वापस जा रहे हैं तो एक खूशनुमा यादों के साथ वापस जा रहे हैं। घर से इतनी दूर, अनजान जगह पर स्थानीय लोगों ने जो हमारी मदद की, जो प्यार और अपनापन दिया। एक खुसनूमा अहसास लेकर जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का, भारतीय सेना का, सिक्किम सरकार का धन्यवाद करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं।
एक अन्य पर्यटक ने कहा, कहीं कोई शिकायत की गुंजाइश नहीं है। हर स्तर पर प्रयास हो रहे हैं। सिक्किम के लोग बहुत सहयोगी हैं। इस भीषण स्थिति में बहुत प्यार दिया। भोजन की व्यवस्था की। हम सिक्किम के लोगों के इस प्यार के लिए आभारी हैं। उन्होंने कहा, इस मुसिबत में इतना प्यार और अपनापन देने के लिए थैक्यू सिक्किम...।