चुनाव में मतदान का पांचवां चरण चल रहा है और केंद्रीय चुनाव आयोग अब तक 3351.36 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की अवैध शराब, नकदी और आभूषण आदि जब्त कर चुका है। यह आंकड़ा कितना बड़ा है, इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि पिछले आम चुनावी वर्ष 2014 में चुनाव आयोग का कुल खर्च 3870 करोड़ रुपये ही था।
आयोग के मुताबिक 2014 के चुनाव में कुल 1200 करोड़ रुपये की अवैध सामग्री जब्त की गई थी। इससे करीब तीन गुना जब्ती इस बार अब तक जब्त हो चुकी है। दस मार्च को आचार संहिता लागू होने के बाद पांच मई तक पकड़ी गई अवैध सामग्री में सबसे बड़ा हिस्सा नशीले पदार्थों का है। अब तक 67,883 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ जब्त किया गया है।
बाजार में इसकी कीमत करीब 1249.65 करोड़ रुपये आंकी गई है। सबसे अधिक 21.6 हजार किलो मादक पदार्थ यूपी से जब्त हुआ, इनकी कीमत 25.03 करोड़ आंकी गई। हालांकि सबसे अधिक कीमत के मादक पदार्थ गुजरात में जब्त हुए। यहां 130 किलो मादक पदार्थ पकड़े गए, जिनकी कीमत 524 करोड़ है।
976 करोड़ का सोना, तमिलनाडु सबसे आगे
अब तक 976 करोड़ रुपये का सोना, मूल्यवान धातु और आभूषण पकड़े गए हैं। इस मामले में सबसे आगे तमिलनाडु है। जबकि मध्यप्रदेश दूसरे और उत्तर प्रदेश तीसरे स्थान पर रहे।
पिछली बार से दोगुनी नकदी
निर्वाचन आयोग के मुताबिक 2014 के चुनाव की तुलना में इस बार में दोगुनी से अधिक की नकदी जब्त की जा चुकी है। पिछले चुनाव में आंकड़ा करीब 400 करोड़ पर था। इस बार सबसे आगे आंध्र प्रदेश रहा।
अवैध शराब के रिकॉर्ड टूटे
अवैध शराब के तो रिकॉर्ड ही टूट गए। पांच मई तक 15.27 करोड़ लीटर शराब पकड़ी गई। पिछलेे चुनाव में 1.61 करोड़ लीटर शराब जब्त की गई थी।
राज्य मात्रा कीमत
महाराष्ट्र 3.48 28.2 करोड़
उत्तर प्रदेश 1.59 43.69 करोड़
कुल 15.2 265.61 करोड़
मात्रा : करोड़ लीटर में
अन्य वस्तुएंः करीब 55 करोड़ मूल्य की अन्य वस्तुएं भी जब्त। इसमें सर्वाधिक जब्ती आंध्र प्रदेश में हुई।