कांग्रेस इस बार विधानसभा चुनावों में भाजपा से छीने तीनों राज्यों- मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सोमवार को शपथ ग्रहण के बहाने खुद की ताकत तो दिखाएगी ही, कर्नाटक की तर्ज पर भाजपा विरोधी दलों की एकजुटता का भी संदेश देगी। राजस्थान में सुबह 10 बजे अशोक गहलोत, मध्य प्रदेश में कमलनाथ दोपहर 1:30 बजे और छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल शाम 5 बजे कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे।
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‘फेथाई’ चक्रवाती तूफान: ओडिशा, आंध्र प्रदेश समेत तीन राज्यों में हाईअलर्ट
चक्रवाती तूफान ‘फेथाई’ जल्द आंध्र प्रदेश के तटों से टकराने वाला है और इसके चलते सोमवार को ओडिशा के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार को यह जानकारी दी। यहां मौसम विभाग ने एक बुलेटिन में कहा कि रविवार को राज्य के कई हिस्सों गजपति, गंजम, रायगढ़ा और कालाहांडी में आसमान में घने बादल छाये रहे, जबकि चक्रवात के प्रभाव से वहां भारी बारिश होने का अनुमान है।
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डीएमके ने किया पीएम पद के लिए राहुल का समर्थन, कई विपक्षी दल हुए खिलाफ
डीएमके नेता स्टालिन द्वारा पीएम उम्मीदवार के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम आगे बढ़ाने के बाद विपक्षी दलों में हलचल बढ़ गई है। कई विपक्षी दलों के नेता 2019 लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन की तरफ से पीएम उम्मीदवार का नाम घोषित किए जाने के खिलाफ हैं। एक वरिष्ठ विपक्षी नेता ने कहा कि विपक्ष दलों के कई नेता आम चुनाव से पहले पीएम पद के लिए किसी के नाम का एलान किए जाने के खिलाफ हैं।
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कमलनाथ के शपथ ग्रहण में शामिल नहीं होंगी पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर कांग्रेस नेता कमलनाथ के शपथ ग्रहण समारोह में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शामिल नहीं होंगी। यह जानकारी रविवार को आधिकारिक सूत्रों ने दी। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि बनर्जी के सोमवार को शपथ ग्रहण समारोह के लिए भोपाल नहीं जाने का कोई कारण नहीं बताया गया है।
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सीएजी बुलाने को लेकर खड़गे को झटका, पीएसी के अधिकतर सदस्य प्रस्ताव के खिलाफ
राफेल सौदा मामले में लेखा परीक्षक की रिपोर्ट पर लोक लेखा समिति (पीएसी) अटॉर्नी जनरल और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) को बुलाने पर एकमत नहीं है और ऐसा हो सकता है कि वह उन्हें बुला नहीं पाए। दरअसल समिति के अधिकतर सदस्य अटॉर्नी जनरल और कैग को बुलाने के समिति के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रस्ताव के समर्थन में नहीं हैं। खास बात यह है कि खड़गे से असहमति रखने वालों में विपक्षी पार्टियों के भी नेता हैं।
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