महाराष्ट्र और गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत से जनरल डीएस कुशवाह ने मुलाकात की है। इस दौरान सरकार और सेना के बीच तालमेल पर मंथन हुआ। दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि सेना और सरकार के बीच बेहतर तालमेल न केवल आपात स्थितियों में राहत पहुंचाने में मदद करेगा बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा और प्रशासनिक मजबूती के लिए भी जरूरी है।
भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल डी. एस. कुशवाह ने शनिवार को महाराष्ट्र और गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत से मुलाकात की। इस मुलाकात का उद्देश्य सेना और राज्य सरकारों के बीच चल रहे सहयोग की समीक्षा करना और आगे इसे और मजबूत करने पर चर्चा करना था।
संकट के समय सेना और सरकार साथ- समर्थन पर चर्चा
इस बैठक में खास तौर पर इस बात पर जोर दिया गया कि प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, तूफान या अन्य मानवीय संकट की स्थितियों में सेना और राज्य प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल कैसे सुनिश्चित किया जाए। लेफ्टिनेंट जनरल कुशवाह ने बताया कि सेना हमेशा राहत और बचाव कार्यों में तैयार रहती है।
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पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के कल्याण पर बात
इस बैठक में पूर्व सैनिकों और शहीदों की पत्नियों ('वीर नारियों') के कल्याण योजनाओं पर भी विस्तार से बातचीत हुई। दोनों पक्षों ने माना कि उनके लिए योजनाओं और सुविधाओं को और सरल, सुलभ और प्रभावी बनाने की जरूरत है ताकि उन्हें आसानी से लाभ मिल सके।
भविष्य की योजनाएं और समन्वय पर जोर
इस दौरान सेना से जुड़े प्रशासनिक व बुनियादी ढांचों जैसे सैनिक भवनों, जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों की क्षमता बढ़ाने और सेना से संबंधित जमीनों व संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि सेना और सरकार के बीच बेहतर तालमेल न केवल आपात स्थितियों में राहत पहुंचाने में मदद करेगा बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा और प्रशासनिक मजबूती के लिए भी जरूरी है।
सेना का भरोसा - देश सेवा सर्वोपरि
सेना की ओर से कहा गया कि वह हमेशा क्षेत्र की सुरक्षा, प्राकृतिक आपदाओं में त्वरित मदद और देश की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है। इस बैठक में यह भी स्पष्ट हुआ कि सैन्य-नागरिक सहयोग यानी सैन्य नागरिक संलयन को और प्रभावी बनाया जाएगा ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा और जनता के हित में योजनाओं को तेजी से लागू किया जा सके।