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Bengal: कोलकाता का मशहूर दुर्गा पूजा पंडाल दिखाई जाएगी सेना की वीरता, 'ऑपरेशन सिंदूर' पर आधारित होगी थीम

Sun, 27 Jul 2025 07:07 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता।

सार

Bengal: कोलकाता के प्रमुख दुर्गा पूजा पंडाल ‘संतोष मित्रा स्क्वायर’ में इस बार ‘ऑपरेशन सिंदूर’ थीम पर भारतीय सेना की बहादुरी को दर्शाया जाएगा। पंडाल में युद्ध के दृश्य, देशभक्ति गीत और रोशनी के खास इंतजाम से सेना के समर्पण को जीवंत किया जाएगा। वहीं, भवानीपुर 75 पल्ली पूजा समिति ने 19वीं सदी की पहली महिला रंगमंच कलाकार नटी बिनोदिनी को समर्पित थीम चुनी है, जो महिला सशक्तिकरण का संदेश देगी।
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दुर्गा पूजा पंडाल - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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कोलकाता के सबसे मशहूर दुर्गा पूजा पंडालों में शामिल 'संतोष मित्रा स्क्वायर' इस साल अपने पंडाल में भारतीय सेना की वीरता को दर्शाएगा। इस बार की विषयवस्तु (थीम) 'ऑपरेशन सिंदूर' पर आधारित होगी। पंडाल की योजना और थीम को लेकर पूजा समिति के प्रवक्ता सजल घोष ने बताया कि पंडाल में जंग के मैदान की झलक को पेश किया जाएगा, जहां सेना की बहादुरी और बलिदान को दिखाया जाएगा। 
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उन्होंने कहा, हम बड़े मॉडल, रोशनी के खास इंतजाम, ध्वनि प्रभाव और कदम-कदम बढ़ाए जाए, मेरे वतन और वंदे मातरम जैसे गीतों के जरिए सेना की बहादुरी और समर्पण के खास पलों को जीवंत बनाएंगे। भाजपा नेता सजय घोष ने बताया कि इस थीम का मकसद लोगों में देशभक्ति की भावना जगाना और सेना के उन जवानों को श्रद्धांजलि देना है, जो हमारी सुरक्षा में तैनात थे। 

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पहलगाम में आतंकवादी हमले में 26 लोगों की नृशंस हत्या के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। 

कोलकाता में हर साल दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों की थीम उन सामाजिक और ऐतिहासिक मुद्दों पर आधारित होती है, जिससे लोग जुड़ाव महसूस करते हैं और यह खूबसूरत पंडाल एक तरह से जागरूकता फैलाने के मंच बन गए हैं।
 
एक और प्रमुख पूजा समिति भवानीपुर 75 पल्ली ने इस बार 19वीं सदी की रंगमंच कलाकार नटी बिनोदिनी को सम्मानित करने की थीम चुनी है। समिति के सचिव सुबीर दास ने बताया, नटी बिनोदिनी उस दौर की प्रतीक हैं, जब थिएटर में महिला पात्रों की भूमिका पुरुष निभाते थे। उन्होंने पहली बार एक मंच पर महिला किरदार निभाया था, जो एक पुरुष प्रधान समाज में ऐतिहासिक कदम था। 

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उन्होंने कहा कि महान नाटककार गिरीश घोष ने उनके सम्मान में एक थिएटर बनाया था। इस बार पूजा में उस पूरे युग को फिर से जीवंत किया जाएगा। दास ने यह भी बताया कि पंडाल में वह ऐतिहासिक क्षण भी दर्शाया जाएगा, जब संत रामकृष्ण परमहंस ने नटी बिनोदिनी को उनके मंच प्रदर्शन के बाद आशीर्वाद दिया था। मूर्तिकार परिमल पाल द्वारा बनाई गई दुर्गा प्रतिमा 'सनातनी' शैली में होगी, जो महिला सशक्तिकरण की भावना को दर्शाएगी।  

दुर्गा पूजा पश्चिम बंगाल का सबसे बड़ा त्योहार है। यह हर साल करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है। पंडाल कला, जागरूकता और सामाजिक जुड़ाव का माध्यम बनते जा रहे हैं। इस साल दुर्गा पूजा 28 सितंबर से दो अक्तूबर के बीच मनाई जाएगी।

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