वैज्ञानिक महालनोबिस का जन्म 29 जून 1893 को कोलकाता में बंगाली परिवार में हुआ था। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा ब्राम्हो बॉयज स्कूल कोलकाता में की थी जबकि आगे की पढ़ाई उन्होंने युनिवर्सिटी ऑफ लंदन से पूरी की थी। महालनोबिस सुधारवादी और बुद्धिजीवियों के परिवार में जन्में थे। उनके दादा गुरुचरण एक दवाइयों की दुकान चलाते थे और उनके पिता प्रबोध चंद्र महालनोबिस ब्रह्मों समाज से ताल्लुक रखते थे। उनकी माता निरोदबसिनी भी बंगाल के एक पढ़े-लिखे कुल से संबंध रखती थीं।
महालनोबिस ने ही रखी थी भारत में सांख्यिकी संस्थान की नींव
भारत में साल 17 दिसम्बर 1931 को भारतीय सांख्यिकी संस्थान की स्थापना हुई और 28 अप्रैल 1932 को औपचारिक तौर पर पंजीकरण कराया गया था। उन्होंने भारत में सांख्यिकी संस्थान की स्थापना प्रमाथ नाथ बनर्जी, निखिल रंजन सेन और सर आर एन मुखर्जी के साथ की थी। कोलकाता के बाद इसकी कई शाखाएं देश के अलग-अलग राज्यों में शुरू की गईं। भारतीय सांख्यिकी संस्थान की शाखाएं दिल्ली, बैंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, कोयंबटूर, चेन्नई, गिरिडीह सहित भारत के दस स्थानों में हैं। हालांकि मुख्य रूप से कोलकाता में ही सांख्यिकी की पढ़ाई होती है।
पेश की थी पायलट सर्वेक्षण की अवधारणा
प्रशांत महालनोबिस को उनके सर्वेक्षण आयोजित करने में दिए गए योगदान के लिए भी जाना जाता है। उन्होंने ही पायलट सर्वेक्षण की अवधारणा पेश की थी। इतना ही नहीं उन्होंने सर्वे से पहले सैंपल लेने की व्यवस्था से भी लोगों को परिचित किया। इसके आधार पर आज के युग में बड़ी-बड़ी नीतियां और योजनाएं बनाई जा रही हैं। उन्होंने सांख्यिकीय नमूनाकरण का उपयोग करके फसल पैदावार के आकलन के लिए एक विधि भी पेश की है। योजना आयोग के सदस्य के तौर पर उन्होंने दूसरी पंचवर्षीय योजना में औद्योगिकीकरण के लिए भारत की रणनीति तैयार की थी।