तृणमूल कांग्रेस के नेता और इस बार असम के गुवाहाटी से चुनाव लड़ने वाले अविजीत मजमूदार ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। अविजीत ने ई-मेल के जरिए टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को अपना इस्तीफा पत्र भेजा है। अविजीत मजूमदार ने आरोप लगाया है कि तृणमूल कांग्रेस की छवि असम में केवल मुस्लिमों की पार्टी के रूप में बन गई है। सिर्फ असम ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल में भी तृणमूल कांग्रेस केवल मुस्लिम समुदाय के लिए काम करती है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से वह अब इस पार्टी के लिए आगे काम नहीं कर सकते।
अविजीत मजूमदार ने कहा, 'स्थापना के समय से मैं असम तृणमूल कांग्रेस का सदस्य और सचिव था। इसके अलावा, टीएमसी मीडिया सेल का प्रमुख रहा और इस बार गुवाहाटी से चुनाव भी लड़ा। कोई भी हिंदुत्व मानने वाला व्यक्ति टीएमसी में नहीं रह सकता। अब टीएमसी का मतलब 'तृणमूल मुस्लिम कांग्रेस' हो गई है।' अविजीत ने कहा, 'पार्टी छोड़ने का एक और कारण है। असम में बांग्लादेशी और मुस्लिम लोगों पर पार्टी का ज्यादा झुकाव है। हिंदुओं पर पार्टी के नेता कभी नहीं बात करते हैं। मैं हिंदू हूं और मेरी विचारधारा है, इसलिए पार्टी में रहना उचित नहीं है।'
असम में तृणमूल कांग्रेस के भविष्य को लेकर मजूमदार ने कहा, 'असम में अब कांग्रेस का कुछ भी नहीं है। असम टीएमसी के कार्यालय में एक भी कार्यकर्ता और आदमी नहीं दिखता है। मैंने ही असम में टीएसी को पहचान दिलाई थी, जो गलत फैसला साबित हुआ। अब असम में टीएमसी को कोई पूछने वाला नहीं है। गौरतलब है कि असम विधानसभा चुनाव 2026 में अविजीत मजूमदार ने टीएमसी के टिकट पर गुवाहटी सेंट्रल से चुनाव लड़ा था। मजूमदार कुल 1061 वोट पाकर चौथे स्थान पर रहे थे। इस सीट से भाजपा उम्मीदवार विजय कुमार गुप्ता ने जीत हासिल की थी।
भारत दौरे पर पहुंचे दक्षिण अफ्रीका के उपराष्ट्रपति माशातिले
दक्षिण अफ्रीका के उपराष्ट्रपति शिपोकोसा पॉलस माशातिले नई दिल्ली पहुंच गए हैं। भारत में उनका जोरदार स्वागत किया गया। उनकी यह यात्रा भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच रणनीतिक रिश्तों को और मजबूत बनाएगी। इस दौरे से दोनों देशों के आपसी संबंधों को एक नई ऊर्जा और गति मिलने की उम्मीद है।
कोलकाता हाई कोर्ट ने निगम के ध्वस्तीकरण नोटिसों पर यथास्थिति का आदेश दिया
कोलकाता हाई कोर्ट ने शुक्रवार को नगर निगम के ध्वस्तीकरण नोटिसों पर अंतरिम यथास्थिति का आदेश दिया। ये नोटिस दक्षिण-पूर्व कोलकाता के तिलजाला और टॉपसिया इलाकों की इमारतों से संबंधित थे। हाल ही में यहां एक फैक्ट्री में आग लगने से दो लोगों की मौत हो गई थी। किरायेदारों ने निगम के ध्वस्तीकरण नोटिसों को चुनौती देते हुए याचिकाएं दायर कीं। न्यायमूर्ति शंपा दत्त (पॉल) की अवकाशकालीन पीठ ने मामले की सुनवाई की। पीठ ने अंतरिम यथास्थिति का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा, मामले की अगली सुनवाई 22 जून को नियमित पीठ करेगी। किरायेदारों के वकीलों ने दावा किया कि उन्हें इमारतें खाली करने के लिए कम समय का नोटिस मिला था। निगम के वकील ने बताया कि नोटिस वाली इमारतों की योजनाएं स्वीकृत नहीं थीं।
ट्रेनों में आग की बढ़ती घटनाओं के पीछे असामाजिक तत्वों का हाथ: रेलवे
रेलवे मंत्रालय ने कहा कि हाल के दिनों में ट्रेनों में आग और धुआं निकलने की बढ़ती घटनाओं के पीछे असामाजिक तत्वों की भूमिका हो सकती है। मंत्रालय के अनुसार, प्रारंभिक जांच में कुछ मामलों में शरारती गतिविधियों और यात्रियों की लापरवाही के संकेत मिले हैं।
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को ट्रेन संख्या 17642 नरखेड़-काचीगुड़ा एक्सप्रेस के डी-5 कोच के शौचालय में हिंगोली स्टेशन पर आग लग गई। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और रेलवे कर्मचारियों ने अग्निशामक यंत्रों की मदद से आग पर तुरंत काबू पा लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। प्रारंभिक जांच में इस घटना के पीछे असामाजिक तत्वों की भूमिका की आशंका जताई गई है। एक अन्य मामले में ट्रेन संख्या 18207 दुर्ग-अजमेर एक्सप्रेस में आग और धुआं पहचान प्रणाली का अलार्म बज गया था। जांच के दौरान एम-1 कोच के शौचालय में जली हुई बीड़ी के टुकड़े मिले। अधिकारियों का मानना है कि इन्हीं के कारण धुआं फैला और सुरक्षा प्रणाली सक्रिय हुई। रेलवे ने सभी घटनाओं की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे ट्रेन में धूम्रपान न करें, ज्वलनशील सामग्री साथ न रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत हेल्पलाइन 139 या रेल मदद पर दें।