चीन ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री और पूर्व सेना प्रमुख जनरल (रिटायर्ड) वीके सिंह के उस बयान पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि गलवां घाटी की घटना में 40 से ज्यादा चीनी सैनिक मारे गए थे।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने फिर दोहराया कि चीन और भारत कूटनीतिक और सैन्य चैनलों के जरिये जमीनी स्तर पर हालात को सुधारने के लिए एक-दूसरे के संपर्क में हैं। जब उनसे वीके सिंह के बयान के बारे में पूछा गया तो झाओ ने कहा, मुझे इस बारे में बयान देने के लिए कोई जानकारी नहीं है।
वहीं, भारतीय सूत्रों ने बताया था कि गलवां संघर्ष में चीन के 43 सैनिक मारे गए थे, जबकि भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे।
सीमा पर जारी तनाव को देखते हुए भारत-चीन जल्द ही कूटनीतिक स्तर की बातचीत भी करेंगे। दोनों देशों के अधिकारी बातचीत के लिए कार्यक्रम तय करने पर काम कर रहे हैं और इसके लिए जल्द ही एक बैठक भी होगी।
कूटनीतिक स्तर की यह बातचीत संयुक्त सचिव समेत कई स्तरों पर होगी। हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से बैठक के बारे में अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।