केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में दर पर सहमति बनाने एवं कुछ अन्य मसलों पर मंगलवार को राज्यों के वित्त मंत्रियों से मिलेंगे। इसी दिन नई दिल्ली में राज्यों के वित्त मंत्रियों की अधिकार प्राप्त समिति (ईसी) की बैठक भी है।
वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को जेटली राज्यों के वित्त मंत्रियों से मिलेंगे। गौरतलब है कि सरकार ने जीएसटी विधेयक को संसद के इसी सत्र में राज्यसभा से पारित कराने का संकल्प व्यक्त किया है।
जीएसटी को प्रभावी बनाने के लिए सरकार की तरफ से संसद में पेश किया गया संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में तो पारित हो चुका है, लेकिन राज्यसभा में भाजपा के अल्पमत में होने के कारण लंबित पड़ा है।
जीएसटी पर तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, बीजू जनता दल और जनता दल यूनाइटेड जैसे क्षेत्रीय दल अपना समर्थन जता चुके हैं। हालांकि कांग्रेस अपनी तीन मांगों को लेकर अड़ी हुई है, पर उधर से भी नरमी के संकेत हैं।
कांग्रेस की तीन बड़ी मांगों में जीएसटी की दर की अधिकतम सीमा 20 प्रतिशत तय करना और इस दर को संविधान संशोधन विधेयक के मसौदे में शामिल करना तथा माल के अंतरराज्यीय स्थानांतरण पर एक प्रतिशत अतिरिक्त कर को हटाने की मांग शामिल है।
इसके अलावा कांग्रेस की तीसरी बड़ी मांग है कि वित्तमंत्री उस परिषद के अधिकारों को बढ़ा दें, जो राज्यों के बीच राजस्व बंटवारे के विवादों को सुलझाने के लिए बनाई जाएगी।