जामिया विश्वविद्यालय में हुई पुलिसिया कार्रवाई और नागरिकता संशोधन बिल को लेकर विपक्षी दल मोदी सरकार के खिलाफ एकजुट होने का प्रयास कर रहे हैं। सोमवार को कॉन्स्टिटूशन क्लब में विपक्षी दलों के नाम पर छह दलों के नेताओं ने प्रेसवार्ता कर जामिया विश्वविद्यालय की घटना और नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में मोदी सरकार को घेरने का प्रयास किया। खास बात यह रही कि छह नेताओं में से भी दो बड़े नेता, जो कि कांग्रेस पार्टी से संबंधित हैं, वे इस मुद्दे पर एकजुट नहीं दिखाई दिए।
कपिल सिब्बल ने कहा कि हम वचन देते हैं कि ये मामला अब रुकने वाला नहीं है। हम देशभर में घूमेंगे। प्रेसवार्ता के अंतिम चरण में जब गुलाम नबी आजाद से देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के बारे में पूछा गया, तो वे सिब्बल के बयान से मुकर गए। उन्होंने कहा, ऐसा नहीं है। हम 'साइलेंट प्रोटेस्ट' जो कि पूर्णतया शांति पर आधारित हो, उसका समर्थन करेंगे।
गुलाम नबी आजाद ने कहा कि जामिया की घटना और नागरिकता संशोधन बिल का विरोध देश के कई हिस्सों में शुरू हो गया है। इसकी शुरुआत भले ही उत्तर-पूर्व के राज्यों से हुई है, लेकिन अब यह दूसरे राज्यों में फैल चुका है। दिल्ली, यूपी, पश्चिम बंगाल, केरल, यूपी, बिहार, त्रिपुरा, असम, मणिपुर, नागालैंड, मिजोरम और अरुणाचल में प्रदर्शन चल रहा है। कुलपति की अनुमति के बिना पुलिस जामिया विश्चविद्यालय में घुस जाती है, छात्रों के साथ मारपीट करती है। पुलिस दिल्ली सरकार के तहत नहीं आती, यह केंद्र सरकार के नियंत्रण में है। इस मामले की न्यायिक जांच कराई जाए।
कांग्रेस पार्टी के देशभर में विरोध प्रदर्शनों को हवा देने के भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए आजाद ने कहा कि अगर कांग्रेस के पास इतनी ताकत होती, तो आप यानी मोदी आज सत्ता में नहीं होते। सीपीआई (एम) के नेता सीताराम येचुरी ने कहा, दिल्ली पुलिस ने जामिया में बर्बतापूर्ण व्यवहार किया है। पुस्तकालय और बाथरूम में घुसकर छात्रों को मारा पीटा गया है। नागरिकता संशोधन बिल तो संविधान के साथ खिलवाड़ है।
सीपीआई के राज्यसभा सांसद डी. राजा बोले कि देशभर के विश्वविद्यालयों में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। आरजेडी के सांसद मनोज झा ने कहा कि केंद्र सरकार के नियंत्रण वाली पुलिस ने छात्रों के साथ गलत व्यवहार किया है। हमारी पार्टी ने बिहार में 21 दिसंबर को बंद का आह्वान किया है।
वहीं सपा सांसद जावेद अली ने कहा, जामिया से तीन किलोमीटर दूर आगजनी की घटना होती है, लेकिन उसके लिए जामिया में घुसकर पुलिस निर्दोष छात्रों को निशाना बनाती है। कपिल सिब्बल बोले कि केंद्रीय गृहमंत्री खुद को आंकड़ों के जादूगर बनाने का प्रयास करते हैं, लेकिन वे असत्य को गले लगाते हैं। जामिया मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। विपक्षी दलों की मांग है कि जामिया मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज से कराई जाए।
शरद यादव ने कहा, अब यह तय हो गया है कि देश में नागरिकता संशोधन बिल रहेगा या सरकार रहेगी। कोई एक तो बदलेगा ही। गुलाम नबी आजाद ने कहा कि विपक्ष के जितने नेता दिल्ली में मौजूद थे, वे प्रेसवार्ता में आ गए हैं।