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अंधविश्वास के चक्कर में प्रतिदिन 350 किलोमीटर सफर करते हैं मंत्रीजी

Thu, 05 Jul 2018 02:18 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
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एचडी रेवन्ना
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कर्नाटक के लोकनिर्माण मंत्री और मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के बड़े भाई एचडी रेवन्ना लगभग रोजाना बंगलूरू से होलेनरासिपुरा के बीच 350 किलोमीटर की यात्रा करते हैं। उन्हें शहर में अभी तक आधिकारिक आवास नहीं मिला है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर क्यों वह बनासंकरी में या फिर अपने परिवार द्वारा खरीदे गए बंगलूरू या पद्मनाभनगर के घर में नहीं ठहरते हैं? या फिर वह शहर में कोई घर क्यों नहीं ले लेते?

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सूत्रों के अनुसार इसकी वजह एक ज्योतिषी है जिसने उन्हें मंत्री पद पर रहते हुए बंगलूरू के अपने घर में ना रहने की हिदायत दी है। रेवन्ना का ज्योतिषी में एक अविश्वसनीय विश्वास है। वह एक ऐसे नेता हैं जिनके कार्य और निर्णय शुभ समय और दिनों द्वारा निर्देशित होते हैं। हालांकि रेवन्ना का कहना है कि उन्हें अभी तक घर नहीं मिला है इसलिए वह यात्रा करते हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे अभी तक शहर में एक घर मिलना बाकी है। इसलिए मुझे यात्रा करनी पड़ती है क्योंकि मैं होलेनरासिपुरा से चुना गया हूं।'

मंत्री के एक करीबी सूत्र ने बताया, 'ज्योतिषी ने रेवन्ना से कहा है कि रात में अपने घर में ठहरने की वजह से उन्हें दुर्भाग्य मिल सकता है। यह सलाह उन्हें ठीक उस समय के आधार पर मिली जब उन्होंने कुमारस्वामी की सरकार में मंत्रीपद के तौर पर शपथ ली थी। रेवन्ना बड़ी कड़ाई से इस सलाह को मान रहे हैं।' ज्योतिषी ने मंत्री को सुझाव दिया है कि उन्हें सरकार द्वारा आवंटित बंगले में रहना चाहिए। मगर इसमें भी पेंच है। 
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रेवन्ना को कुमार पार्क वेस्ट में बंगला चाहिए जोकि खाली नहीं है। कथित सौभाग्यशाली बंगले में इस समय पूर्व लोकनिर्माण मंत्री एचसी महादेवप्पा रह रहे हैं जिनके पास इसे खाली करने के लिए तीन महीने का समय है। महादेवप्पा साल 2013 से इस बंगले में रह रहे हैं और माना जाता है कि इस बंगले ने उन्हें एक शक्तिशाली नेता बनने में मदद की है। रेवन्ना को यही बंगला चाहिए और वह इसके खाली होने का इंतजार कर रहे हैं।

350 किलोमीटर का सफर तय करने के लिए रेवन्ना रोजाना सुबह 5 बजे उठते हैं। पूजा करने के बाद वह अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों से मिलने के बाद सुबह 8 बजे बंगलूरू के लिए रवाना होते हैं और 11.30 बजे पहुंच जाते हैं। वहां से रात के 9 बजे घर पहुंचते हैं। उनकी इस यात्रा का पूरा खर्च सरकार उठाती है। सूत्रों का कहना है कि उनके आने-जाने के लिए एक ट्रैफिक फ्री कॉरिडोर बनाया गया है ताकि उन्हें परेशानी ना हो।
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