तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता ईके पलानीस्वामी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि द्रमुक सरकार के लापरवाह रवैये के कारण राज्य को हजारों करोड़ रुपये के दो बड़े निवेश का नुकसान हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की हाल ही में सपन्न हुई विदेश यात्रा का मजाक उड़ाया।
अन्नाद्रमुक महासचिव पलानीस्वामी ने यह भी दावा किया कि कई कंपनियां तमिलनाडु से दूसरे राज्यों में स्थानांतरित हो रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने एक बयान में दावा किया कि ताइवान की इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माता फॉक्सकॉन ने भारतीय-विदेशी संयुक्त उद्यम के रूप में तमिलनाडु में 1.54 लाख करोड़ रुपये की लागत से सेमी कंडक्टर प्लांट शुरू करने की योजना बनाई थी।
पलानीस्वामी ने दावा किया, इस सरकार ने कंपनी जमीन और सब्सिडी देने से इनकार किया, इसलिए जो कारखाना पच्चीस हजार लोगों को नौकरी दे सकता था, वह अब गुजरात चला गया है। उन्होंने कहा कि इसी तरह फॉक्सकॉन का चार हजार करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित एप्पल आई-फोन मैन्युफैक्चरिंग प्लांट सत्तारूढ़ द्रमुक की लापरवाही के कारण पड़ोसी राज्य कर्नाटक में चला गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति में सरकार का यह कहना कि वह 2030 तक तमिलनाडु को 1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बना देगी, केवल दिखावा है।
पलानीस्वामी ने कहा कि राज्य सरकार इस तरह का निवेश दूसरों को दे रही है जबकि मुख्यमंत्री स्टालिन सिंगापुर और जापान की अपनी निवेश मांगने वाली यात्रा के बाद अपनी पीठ थपथपा रहे हैं। उन्होंने इससे पहले स्टालिन की नौ दिवसीय आधिकारिक विदेश यात्रा का मजाक उड़ाते हुए इसे 'आनंददायक यात्रा' करार दिया। स्टालिन ने इससे पहले कहा था कि दोनों देशों की उनकी यात्रा से राज्य में निवेशकों से करीब 3,200 करोड़ रुपये का प्रस्तावित निवेश मिला है।