तमिलनाडु सरकार ने चेन्नई समेत छह जिलों में ‘हेल्दी एंड हाइजीनिक फूड स्ट्रीट’ परियोजना शुरू करने और होटल व स्ट्रीट फूड कर्मचारियों को मुफ्त टाइफाइड टीका देने की घोषणा की है। सरकार सुरक्षित भोजन सुनिश्चित करने के लिए निगरानी बढ़ाएगी। साथ ही, अस्पतालों में रिश्वतखोरी पर सख्ती, अमोनिया गैस रिसाव मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
तमिलनाडु सरकार ने लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अरुणराज ने बुधवार को घोषणा की कि छह जिलों में 'हेल्दी एंड हाइजीनिक फूड स्ट्रीट' (स्वस्थ और स्वच्छ खाद्य सड़क) परियोजना शुरू की जाएगी। इसके साथ ही होटलों और स्ट्रीट फूड दुकानों में काम करने वाले फूड हैंडलर्स को मुफ्त टाइफाइड वैक्सीन भी दी जाएगी। चेन्नई में आयोजित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता लोगों को गुणवत्तापूर्ण और साफ-सुथरा भोजन उपलब्ध कराना है, ताकि खाद्य जनित बीमारियों को रोका जा सके।
राज्य के इन जिलों में चलेगी परियोजना
पायलट परियोजना के तहत चेन्नई, तिरुचिरापल्ली, मदुरै, सलेम, कोयंबटूर और तिरुप्पुर में विशेष फूड स्ट्रीट विकसित की जाएंगी। यहां स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को मानकीकृत स्टॉल उपलब्ध कराए जाएंगे और उन्हें ऋण सहायता भी दी जाएगी। इससे खाद्य विक्रेताओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और ग्राहकों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध होगा। मंत्री ने हाल ही में कांचीपुरम के एक औद्योगिक क्षेत्र में दूषित भोजन से श्रमिकों के बीमार होने की घटना का जिक्र करते हुए अधिकारियों को गैर-शाकाहारी भोजनालयों, मंदिरों और बड़े धार्मिक आयोजनों में खाद्य सुरक्षा की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए।
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तिरुवल्लूर फैक्टरी हादसे के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
उन्होंने यह भी बताया कि तिरुवल्लूर जिले की एक समुद्री खाद्य प्रसंस्करण इकाई में अमोनिया गैस रिसाव से 10 लोगों की मौत के मामले में विशेषज्ञ समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रिश्वत मांगने वालों को स्वास्थ्य मंत्री की कड़ी चेतावनी
इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों से व्हीलचेयर या अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए रिश्वत मांगने वालों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने लोगों से ऐसी शिकायतें स्वास्थ्य हेल्पलाइन 104 पर दर्ज कराने की अपील की। इसके अलावा, मुख्यमंत्री के जन्मदिन (22 जून) पर सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों को एक ग्राम सोने की अंगूठी देने की योजना की भी घोषणा की गई। सरकार का कहना है कि इससे संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलेगा और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूती मिलेगी।