पद्मनाभपुरम से द्रमुक विधायक टी.मनो थंगराज को सोमवार को मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई। उन्हें मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की कैबिनेट में एक छोटे से फेरबदल के बाद फिर से मंत्री बनाया। यह फेरबदल तब हुआ, जब दो वरिष्ठ मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दिया।
राज्यपाल आर.एन. रवि ने थंगराज को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। पिछली कैबिनेट में फेरबदल के बाद उन्हें दुग्ध और डेयरी विकास मंत्री के पद से हटा दिया गया था। दिलचस्प बात यह है कि सोमवार को उन्हें फिर से वहीं विभाग सौंपा गया।
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सुप्रीम कोर्ट से द्रमुक सरकार के पक्ष में फैसला आने के बाद मुख्यमंत्री एम.के.स्टालिन और राज्यपाल रवि की यह पहली मुलाकात हुई थी। शीर्ष कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि राज्यपाल को राज्य विधानसभा से पारित विभिन्न विधेयकों को मंजूरी देने में देरी नहीं करनी चाहिए।
शपथ ग्रहण समारोह में उप मुख्यमंत्री उधयनिधि स्टालिन, वरिष्ठ मंत्री दुरई मुरुगन सहित कई गणमान्य लोग अन्य लोग मौजूद थे। बाद में एक आधिकारिक बयान में राजभवन ने कहा कि थंगराज को दुग्ध और डेयरी विकास विभाग सौंपा गया है। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री की सिफारिश पर इस विभाग के आवंटन को मंजूरी दी।
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बालाजी और पोनमुडी ने क्यों दिया इस्तीफा
तमिलनाडु के मंत्री वी. सेंथिल बालाजी और के.पोनमुडी ने उनके खिलाफ कोर्ट में चल रहे मामलों के कारण रविवार को पद से इस्तीफा दे दिया था। सेंथिल बालाजी अन्नाद्रमुक सरकार में नौकरी के बदले पैसे मामले में ईडी की जांच का सामना कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते उनसे कहा था कि वह पद और स्वतंत्रता में से किसी एक विकल्प को चुनें। कोर्ट ने उन्हें मंत्री के पद से इस्तीफा न देने पर जमानत रद्द करने की चेतावनी दी थी।
द्रमुक के वरिष्ठ नेता पोनमुडी ने हाल ही में एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने यौनकर्मियों और शैव व वैष्णव समुदाय को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। उनके इस बयान पर लोगों ने आपत्ति जताई थी और इसकी जमकर आलोचना हुई। बाद में मद्रास हाईकोर्ट ने इस मामले का संज्ञान लिया और कानूनी कार्यवाही शुरू की।
वहीं, पोनमुडी के पास वन और खादी विभाग थे, अब वे आरएस राजकन्नप्पन को सौंप दिए गए हैं। राजकन्नप्पन पहले दुग्ध और डेयरी विभाग संभालते थे। इसके अलावा, मुख्यमंत्री की सलाह पर राज्यपाल ने थंगराज को फिर से मंत्री बनाया। वे तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले के पद्मनाभपुरम इलाके से विधायक हैं। 2021 में जब द्रमुक की सरकार बनी थी, तब वे सूचना प्रौद्योगिकी) मंत्री थे।