West Bengal: टीएमसी ने रविवार को पूरे पश्चिम बंगाल में रैलियां निकालीं, जिसमें भाजपा शासित राज्यों में बंगाली प्रवासी मजदूरों पर हो रहे कथित अत्याचार का विरोध किया गया। टीएमसी नेताओं ने आरोप लगाया कि इन प्रवासियों को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है, उन्हें हिरासत में लेकर बांग्लादेशी बताने का दबाव डाला जा रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर यह 'भाषा आंदोलन' स्वतंत्रता दिवस तक हर सप्ताहांत चलेगा।
बंगाली भाषी प्रवासी मजदूरों पर भाजपा शासित राज्यों में कथित तौर पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने रविवार को राज्यभर में रैलियां निकालीं। कोलकाता के भवानीपुर और सियालदाह सहित चूचुड़ा, बांकुड़ा, बीरभूम, कूचबिहार जैसे स्थानों पर टीएमसी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रैलियां निकालीं।
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रैलियों में टीएमसी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने असम, ओडिशा, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे भाजपा शासित राज्यों में प्रवासी बंगालियों के कथित उत्पीड़न और उनके साथ हो रहे गलत व्यवहार के संदेश वाले बोर्ड (प्लेकार्ड) दिखाए। चूचड़ा में खडिना मोरे पर टीएमसी के विधायक असीम मजूमदार ने रैली की अगुवाई की। उन्होंने कहा कि इन भाजपा शासित की डबल इंजन सरकारें बंगाली भाषी प्रवासियों को जानबूझकर परेशान कर रही हैं, भले ही वे आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र जैसे दस्तावेज दिखाएं।
मजूमदार ने बताया कि मजदूरों को शिविरों में ले जाकर पीटा जाता है और उन पर दबाव डाला जाता है कि वे अपने आप को बांग्लादेशी नागरिक के रूप में स्वीकार करें। उन्होंने कहा, जैसा कि हमारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि हमने आज से ‘भाषा आंदोलन’ शुरू कर दिया है, जो स्वतंत्रता दिवस तक हर सप्ताहांत सड़कों पर होगा। हम बंगालियों पर हो रहे उत्पीड़न को हल्के में नहीं लेंगे।
टीएमसी के नेता और उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदयन गुहा ने कूचबिहार के दिनहाटा में एक रैली की अगुवाई की। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह मतदाता सूची से सही मतदाताओं के नाम हटाने और बंगाल के भारतीय नागरिकों को चुनावी लाभ के लिए जेल में भेजने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि हम इसका मुकाबला करेंगे।
सियालदाह और भवानीपुर में हजारों टीएमसी कार्यकर्ताओं ने बंगाली अक्षरों और 'पश्चिम बंगाल के बाहर भाजपा द्वारा बंगाली भाषी लोगों पर अत्याचार' के विरोध में नारे लगाए। इन रैलियों के कारण कोलकाता के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में यातायात बाधित हुआ।
टीएमसी सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस सप्ताह के शुरू में भाजपा पर बंगालियों के खिलाफ 'भाषाई आतंकवाद' शुरू करने का आरोप लगाया था और कहा था कि उनकी पहचान और भाषा की लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक भाजपा को हराया नहीं जाता।