राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस ने रविवार को कूचबिहार जिले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नीतीश प्रमाणिक के काफिले पर हुए हमले की निंदा की थी। उनके इस रुख को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने सोमवार को अपने मुखपत्र में राज्यपाल बोस की आलोचना की थी।
पश्चिम बंगाल में राज भवन और राज्य सरकार के संबंधों में एक बार फिर से खटास की अटकलों के बीच राज्य के शिक्षामंत्री और टीएमसी के वरिष्ठ नेता ब्रत्य बसु ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती राज्यपाल जगदीप धनखड़ के दौरान राजभवन और सरकार के बीच दूरियां आईं थीं। हालांकि अब राज्य में उसकी पुनरावृत्ति की कोई संभावना नहीं है। उनका यह बयान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नीतीश प्रमाणिक के काफिले पर हुए हमले के बाद बंगाल सरकार और राज्यपाल के बीच बयानबाजी के संदर्भ में आया है।
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राज्यपाल सी वी आनंद बोस के साथ बैठे बसु ने आगे कहा कि राज्य सरकार एक टीम के रूप में राजभवन के साथ मिलकर काम करेगी। कुछ सरकारी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ बैठक के बाद राज्य के शिक्षामंत्री और टीएमसी के वरिष्ठ नेता ब्रत्य बसु ने यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि मैं इसे अधिकार के साथ कहता हूं कि अब अतीत की पुनरावृत्ति का कोई मौका नहीं है। वहीं, राज्यपाल ने कहा कि राज्य और राजभवन के बीच संबंध रचनात्मक सहयोग का होना चाहिए।
सरकार और राज्यपाल के बीच खींचतान कल आई थी सामने
गौरतलब है कि राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस ने रविवार को कूचबिहार जिले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नीतीश प्रमाणिक के काफिले पर हुए हमले की निंदा की थी। साथ ही राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा था कि वह मूकदर्शक बनकर राज्य में कानून व्यवस्था को बिगड़ते हुए नहीं देखेंगे। उनके इस बयान के बाद तृणमूल कांग्रेस ने सोमवार को अपने मुखपत्र में राज्यपाल बोस की आलोचना की थी। साथ ही आरोप लगाया था कि वह अपने पूर्ववर्ती जगदीप धनखड़ के नक्शेकदम पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।