Purulia Kand: भारत और यूरोपीय यूनियन के मुक्त व्यापार समझौते पर बोलते हुए डेनमार्क के विदेश मामलों के मंत्री ने कहा कि हम यूरोप और भारत के बीच एक ऐसी व्यवस्था स्थापित कर सकते हैं जिससे संबंधों और व्यापार को बढ़ावा मिले। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो भारत और डेनमार्क दोनों देश लाभान्वित होंगे।
भारत के दौरे पर आए डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने पुरुलिया हथियार कांड के मुख्य आरोप किम डेवी के प्रत्यपर्ण पर कहा है यह एक राजनीतिक मामला नहीं और मुझे बताया गया है कि इसमें प्रगति हो रही है। उन्होंने कहा कि जब वे प्रधानमंत्री के तौर पर 2019 में भारत आए थे हमने इस मसले पर बात की थी। राजनीतिक तौर पर इस मामले में गंभीर बातचीत हुई है। हम इस बात से सहमत है कि यह राजनीतिक मामला नहीं है और इस इसके संस्थानों के माध्यम से उचित तरीके से निपटाया जाना चाहिए। डेनमार्क के विदेशमंत्री ने कहा कि मुझे बताया गया है कि इस मामले में प्रगति हो रही है।
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बता दें कि 17 दिसंबर 1995 को अवैध हथियारों का एक जखीरा पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में अंतोनॉव एएन-26 हेलिकॉप्टर से गिराए गए थे।
भारत और यूरोपीय यूनियन के मुक्त व्यापार समझौते पर बोलते हुए डेनमार्क के विदेश मामलों के मंत्री ने कहा कि हम यूरोप और भारत के बीच एक ऐसी व्यवस्था स्थापित कर सकते हैं जिससे संबंध और व्यापार बढ़े। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो भारत और डेनमार्क दोनों देश लाभान्वित होंगे।
रासमुसेन ने कहा कि डेनमार्क एक छोटा देश है, पर मुझे ये कहते हुए गर्व हो रहा है कि हम एक समृद्ध देश हैं और हमने यह समृद्धि दूसरे देशों के साथ व्यापार कर हासिल किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी, चीन के बढ़ते प्रभुत्व और यूक्रेन युद्ध के कारण हम एक जियोपॉलिटिकल परिस्थिति का सामना कर रहे हैं, जो हमें पीछे ले जा सकता है। हम ऐसा नहीं चाहते हैं। ऐसे में अगर भारत और यूरोप के बीच संबधों और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कोई कार्यप्रणाली बनती है तो इससे दोनों पक्षों को लाभ होगा। उन्होंने जोड़ा कि यह ऐसी चीज है जिसकी डेनमार्क वकालत करता है।