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नागरिकता बिल: पीएम मोदी का मास्क पहन सांसदों ने किया अनोखा प्रदर्शन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shilpa Thakur Updated Tue, 08 Jan 2019 12:36 PM IST
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- फोटो : ANI

तृणमूल कांग्रेस और एआईयूडीएफ सांसदों ने नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में संसद भवन परिसर में मंगलवार को धरना दिया और सरकार से इसे वापस लेने की मांग की। उनके प्रदर्शन करने का तरीका काफी अलग था। इसका एक वीडियो भी आया है। जिसमें दिख रहा है कि एक व्यक्ति ने पीएम मोदी की तस्वीर वाला मास्क पहना हुआ है और उसके हाथों में डंडा है। वहीं कुछ लोग नीचे बैठे हुए हैं और खुद को उस डंडे से बचाने की कोशिश कर रहे हैं। 






बता दें लोकसभा में सोमवार को नागरिकता संशोधन विधेयक पर संसद की संयुक्त समिति की रिपोर्ट पेश की गई थी। इसमें तृणमूल समेत कुछ दलों ने असहमति का नोट दिया था।



मंगलवार को संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले तृणमूल सांसदों एवं एआईयूडीएफ के बदरूद्दीन अजमल ने संसद भवन परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष धरना दिया और नारेबाजी की। तृणमूल सांसदों के हाथों में पोस्टर थे जिन पर लिखा था "मुझे मेरे देश से मत निकालो, मैं भारत का नागिरक हूं।"

तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने संवाददाताओं से कहा कि उनकी पार्टी नागरिकता संशोधन विधेयक को पेश किये जाने के खिलाफ है। इसके कारण 30 लाख लोग प्रभावित होंगे। यह लोगों के बुनियादी अधिकारों के खिलाफ है।

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- फोटो : ANI
तृणमूल कांग्रेस और एआईयूडीएफ सांसदों ने नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में संसद भवन परिसर में मंगलवार को धरना दिया और सरकार से इसे वापस लेने की मांग की। उनके प्रदर्शन करने का तरीका काफी अलग था। इसका एक वीडियो भी आया है। जिसमें दिख रहा है कि एक व्यक्ति ने पीएम मोदी की तस्वीर वाला मास्क पहना हुआ है और उसके हाथों में डंडा है। वहीं कुछ लोग नीचे बैठे हुए हैं और खुद को उस डंडे से बचाने की कोशिश कर रहे हैं। 






बता दें लोकसभा में सोमवार को नागरिकता संशोधन विधेयक पर संसद की संयुक्त समिति की रिपोर्ट पेश की गई थी। इसमें तृणमूल समेत कुछ दलों ने असहमति का नोट दिया था।

मंगलवार को संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले तृणमूल सांसदों एवं एआईयूडीएफ के बदरूद्दीन अजमल ने संसद भवन परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष धरना दिया और नारेबाजी की। तृणमूल सांसदों के हाथों में पोस्टर थे जिन पर लिखा था "मुझे मेरे देश से मत निकालो, मैं भारत का नागिरक हूं।"

तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने संवाददाताओं से कहा कि उनकी पार्टी नागरिकता संशोधन विधेयक को पेश किये जाने के खिलाफ है। इसके कारण 30 लाख लोग प्रभावित होंगे। यह लोगों के बुनियादी अधिकारों के खिलाफ है।

विधेयक के खिलाफ पूर्वोत्तर में 'बंद' शुरू

नागरिकता (संशोधन) विधेयक के खिलाफ विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक पार्टियों द्वारा बुलाया गया बंद मंगलवार को सुबह पांच बजे कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुआ है। असम में अखिल असम छात्र संघ (एएएसयू) ने 10 वर्ष बाद राज्य व्यापी बंद बुलाया है, जिसका असम गण परिषद (एजीपी) भी समर्थन कर रहा है। एजीपी ने सोमवार को भाजपा नीत असम सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था।

विपक्षी कांग्रेस, एआईयूडीएफ और कृषक मुक्ति संग्राम समिति (केएमएसएस) भी इस बंद को अपना समर्थन दे रहे हैं। पुलिस ने बताया कि वाहनों की आवाजाही को रोकने के लिए विभिन्न स्थानों पर सड़कों पर टायर जलाए गए। गुवाहाटी, तिनसुकिया और डिब्रूगढ़ जिलों में वाहनों को क्षति पहुंचाई गई। रेलवे के सूत्रों ने बताया कि गुवाहाटी एवं डिब्रूगढ़ जिले में पटरियों को भी कुछ देर के लिए जाम किया गया हालांकि जीआरपी के प्रदर्शनकारियों को पटरियों पर से हटाने के बाद दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनों की आवाजाही बहाल हो गई।

बहरहाल बंद से ट्रेन और विमान सेवाएं अप्रभावित रहीं।

पुलिस और आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ब्रह्मपुत्र घाटी में दुकानें, बाजार, वित्तीय संस्थान, शिक्षण संस्थान, निजी कार्यालय बंद रहे और लंबी दूरी तक जाने वाली बसों सहित निजी वाहन सड़कों से नदारद रहे। सूत्रों ने बताया कि सार्वजनिक परिवहन के आभाव में सरकारी कार्यालयों में भी कर्मचारी कम संख्या में पहुंचे। असम राज्य परिवहन निगम की कुछ बसें भी बेहद कम संख्या में सड़कों पर उतरी।

श्रेत्र के कई छात्र संगठनों ने पूर्वात्तर छात्र संगठन (एनईएसओ) द्वारा बुलाए बंद का समर्थन करने का निर्णय किया था। 30 जातीय संगठन भी असम में बंद का समर्थन कर रहे हैं। इस बंद को देखते हुए राज्य भर में सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं। असम के पुलिस महानिदेशक कुलाधर सैकिया ने बताया, “जिला पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को शांति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए उचित बलों की तैनाती की गई है। सभी स्थानों पर गश्त भी बढ़ा दी गई है।

बंगाली बहुल बराक घाटी में चार जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए उस भाषण के विरोध में बंद आहूत किया गया है जिसमें उन्होंने कहा था कि नागरिकता संशोधन विधेयक 2016 जल्द से जल्द संसद में पारित कराया जाएगा।
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