पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
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तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसदों ने शुक्रवार को सर्वसम्मति से पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को संसदीय दल का अध्यक्ष चुना। ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री भी हैं। टीएमसी के राज्यसभा सासंद डेरेक ओ'ब्रायन ने दिल्ली में आयोजित एक प्रेसवार्ता में इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने लंबे समय तक टीएमसी संसदीय दल का नेतृत्व किया है और इसे दिशा दी है।
डेरेक ओ'ब्रायन ने कहा, हम केवल एक वास्तविकता को औपचारिक रूप दे रहे हैं। हमारी अध्यक्ष (ममता बनर्जी) सात बार संसद की सदस्य रही हैं। उनके पास संसदीय दल का नेतृत्व करने की क्षमता है। उनके पास अनुभव और विजन है। वह वैसे भी हमारा नेतृत्व कर रही थीं। तृणमूल कांग्रेस सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने कहा कि यह फैसला वैचारिक और रणनीतिक, दोनों स्तरों पर लिया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि तृणमूल कांग्रेस के सभी सांसदों ने ममता बनर्जी को सर्वसम्मति से अपना नेता चुना। ममता बनर्जी खुद संसद की सदस्य नहीं हैं। बंगाल की की पांच रिक्त सीटों के लिए उपचुनाव होने हैं। दो अन्य सीटों के लिए चुनाव होने हैं, जहां उम्मीदवारों की मौत के बाद मतदान रद्द कर दिया गया था। मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के लिए ममता बनर्जी के लिए ये उपचुनाव महत्वपूर्ण हैं।
'देश में अपना आधार बढ़ाने में मिलेगी मदद'
राज्यसभा में टीएमसी के मुख्य सचेतक सुखेंदु शेखर राय ने कहा कि यह काफी अहम है क्योंकि संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष की नियुक्ति से विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं तक पहुंच में मदद मिलेगी और देश में हमें अपना आधार बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।’ उन्होंने कहा कि पार्टी के संविधान के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति सांसद नहीं है तो भी उसके संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बनने में दिक्कत नहीं है।
नई दिल्ली के बनर्जी के दौरे से दो दिन पहले उन्हें संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया है जहां वह विपक्षी मोर्चा पर विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं से मुलाकात करने वाली हैं। उनका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने का भी कार्यक्रम है।