तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने एक बार फिर से विवादित टिप्पणी करके फंस गए हैं। कल्याण बनर्जी ने मंगलवार को कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर अमीरों के "दलाल" (बिचौलिया) के रूप में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने पश्चिम बंगाल के लंबित केंद्रीय फंड को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
लोकसभा में हंगामा
मंगलवार को लोकसभा में द्रमुक और तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने मनरेगा योजना के तहत कुछ राज्यों को भुगतान में कथित देरी के खिलाफ प्रदर्शन किया। जिससे प्रश्नकाल के दौरान सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
बनर्जी ने मीडिया से कहा, पिछले तीन वर्षों से हमें फंड नहीं दिया गया। वे कहते हैं कि इसमें कुछ अनियमितताएं हैं। 25 लाख फर्जी जॉब कार्ड जारी किए गए हैं। हमने उनसे कहा है कि वे इन फर्जी कार्डों पर आपराधिक कार्रवाई करें, लेकिन वे पश्चिम बंगाल के 10 करोड़ लोगों को फंड से वंचित नहीं कर सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी 2021 के विधानसभा चुनाव में हार के कारण, बंगाल के लिए फंड रोक रही है।
उन्होंने दावा किया, शिवराज चौहान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बंगाल के खिलाफ हैं। वे वहां सरकार बनाना चाहते हैं, लेकिन विफल हो रहे हैं। वे कभी भी वहां सत्ता में नहीं आएंगे। बीजेपी के नेता कहते हैं कि बंगाल को फंड मत दो।
भाजपा का पलटवार
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भगीरथ चौधरी ने इन आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि कल्याण बनर्जी को अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा, यह सही नहीं है। एक वरिष्ठ सांसद को इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी 'सबका साथ, सबका विकास' के सिद्धांत पर काम कर रहे हैं। किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया गया है, सभी को उनका हिस्सा मिल रहा है। चौधरी ने कहा, "एक मंत्री के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना सही नहीं है। बनर्जी को माफी मांगनी चाहिए।"