टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने केंद्र सरकार पर सेंसरशिप करने के आरोप लगाए हैं। टीएमसी सासंद ने आरोप लगाया कि उन्होंने बीबीसी डॉक्यूमेंट्री को लेकर एक ट्वीट किया था, जिसे ट्विटर ने डिलीट कर दिया है। बता दें कि बीबीसी की नई डॉक्यूमेंट्री में पीएम मोदी की आलोचना की गई है और उन पर देश में अल्पसंख्यकों से भेदभाव का आरोप लगाया गया है। डेरेक ओ ब्रायन का दावा है कि उन्हें ट्विटर की तरफ से एक ईमेल भी मिला है, जिसमें बताया गया है कि भारत सरकार के कहने पर यह ट्वीट डिलीट किया गया है।
डेरेक ओ ब्रायन ने ट्वीट करते हुए लिखा, सेंसरशिप, ट्विटर इंडिया ने बीबीसी डॉक्यूमेंट्री पर किया मेरा ट्वीट हटा दिया है। इसे लाखों लोग देख चुके थे। एक घंटे की बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री में बताया गया है कि पीएम मोदी अल्पसंख्यकों से नफरत करते हैं। टीएमसी सांसद ने ट्विटर इंडिया से मिले ईमेल को भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। जिसमें बताया गया है कि उनका ट्वीट भारत सरकार की अपील पर डिलीट कर दिया गया है क्योंकि यह देश के कानून का उल्लंघन करता है। राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने ट्वीट में लिखा कि ट्वीट डिलीट करने का फिल्मी कारण दिया गया है लेकिन विपक्ष अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
बीबीसी ने India: The Modi Question नामक इस डॉक्यूमेंट्री में प्रधानमंत्री मोदी के आरएसएस से जुड़ाव, भाजपा में बढ़े उनके कद और गुजरात का मुख्यमंत्री बनने के बारे में बताया गया है। बीबीसी की इस डॉक्यूमेंट्री में पीएम मोदी की गुजरात दंगे में कथित भूमिका की भी बात कही गई है। हालांकि भारत का सुप्रीम कोर्ट पहले ही प्रधानमंत्री मोदी को गुजरात हिंसा के आरोपों से बरी कर चुका है। उल्लेखनीय है कि भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर बीबीसी की इस डॉक्यूमेंट्री को प्रौपेगैंडा पीस बताया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इसका मकसद एक ऐसा नैरेटिव पेश करना है, जिसे लोग पहले ही खारिज कर चुके हैं।