तृणमूल कांग्रेस विधायक नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती।
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पश्चिम बंगाल में मतदाताओं को धमकी देने वाले टीएमसी विधायक नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती पर चुनाव आयोग की ओर से कार्रवाई की गई है। चुनाव आयोग ने नरेंद्रनाथ को सात दिनों तक चुनाव प्रचार से रोक दिया है। वे 30 मार्च सुबह दस बजे से छह अप्रैल रात आठ बजे तक किसी भी प्रकार का चुनाव प्रचार नहीं कर सकेंगे। उन्हें किसी भी प्रकार की जनसभा, रैलियां, रोड शो करने की अनुमति नहीं होगी।
सामने आया था वीडियो
पश्चिम बंगाल में आसनसोल उपचुनाव के बीच तृणमूल कांग्रेस विधायक नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती का एक वीडियो सामने आया था। इसमें वे भाजपा को वोट न देने की धमकी मतदाताओं को देते नजर आए थे। उन्होंने आसनसोल के हरिपुर में हुई कार्यकर्ता बैठक में भाजपा समर्थकों को विशेष तौर पर कहा कि ‘आसनसोल उपचुनाव में वोट न डालें, पोलिंग बूथ न जाएं।' वरना चुनाव के बाद तृणमूल के कार्यकर्ताओं के जरिए उनका पता लगाया जाएगा। अगर वे वोट नहीं करते हैं तो राज्य में रह सकते हैं, अपने काम व कारोबार कर सकते हैं। तृणमूल कांग्रेस उन्हें पूरा सहयोग करेगी।’
भाजपा की ओर से की गई थी शिकायत
भाजपा प्रवक्ताओं ने सोशल मीडिया पर यह वीडियो पोस्ट कर चुनाव आयोग से शिकायत की थी। अनिल बलूनी ने इसे लोकतंत्र का चीरहरण बताया था। राज्य में भाजपा के सहप्रभारी अमित मालवीय ने कहा कि नरेन चक्रवर्ती को सलाखों के पीछे होना चाहिए। ममता बनर्जी उन्हें संरक्षण दे रही हैं। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि नरेन को 2016 में सीआईएसएफ ने कोलकाता के नेताजी सुभाषचंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हिरासत में रखा था क्योंकि वे गैर-लाइसेंसी पिस्तौल व गोलियां लेकर चेन्नई के लिए विमान में चढ़ रहे थे। बाद में उन्हें शस्त्र अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया।