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बंगाल में फिर धरने की राजनीति: विधानसभा अध्यक्ष नहीं मिले तो गेट के बाहर बैठे TMC नेता, लगाया अनदेखी का आरोप

Wed, 27 May 2026 06:47 PM IST
अमन तिवारी पीटीआई, कोलकाता

सार

पश्चिम बंगाल विधानसभा में नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया जब टीएमसी नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय और कुणाल घोष विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात न होने पर उनके कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गए। टीएमसी नेताओं का कहना है कि वे यहां अपनी बात रखने आए थे, लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया।
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टीएमसी नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय और कुणाल घोष - फोटो : ANI
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से सियासी हलचल थमने का नाम नहीं ले रही है। कोलकाता में आज एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। विधानसभा में विपक्ष के नेता और टीएमसी के वरिष्ठ नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने पार्टी नेता कुणाल घोष के साथ मिलकर विधानसभा अध्यक्ष के कमरे के बाहर धरना दिया।
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टीएमसी नेताओं ने लगाया आरोप
ये दोनों नेता विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस से मिलना चाहते थे। आरोप है कि अध्यक्ष ने उनसे मुलाकात नहीं की, जिसके विरोध में वे उनके चैंबर के बाहर ही जमीन पर बैठ गए। टीएमसी नेताओं का कहना है कि वे अपनी बात रखने आए थे, लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया। धरने के दौरान शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने कहा कि वे केवल अध्यक्ष से मिलने के लिए यहां आए हैं। वहीं कुणाल घोष ने इस स्थिति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पार्टी के सबसे वरिष्ठ विधायक अध्यक्ष से बात करने के लिए यहां बैठे हैं यही तो लोकतंत्र है। उन्होंने कहा इस तरह का व्यवहार ठीक नहीं है।


टीएमसी ने क्या कहा?
वहीं इस मामले को लेकर टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, बंगाल विरोधी भाजपा को लोकतंत्र का सम्मान करना नहीं आता। आज भी विपक्ष को विधानसभा में कमरा नहीं दिया गया। विपक्ष के नेता श्री शोवनदेब चट्टोपाध्याय और श्री कुणाल घोष अध्यक्ष से मिलने विधानसभा गए, लेकिन अध्यक्ष ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया। बंगाल की जनता बंगाल विरोधी भाजपा के इस असभ्य व्यवहार का मुंहतोड़ जवाब देगी। हम भाजपा सरकार की इस घोर अभद्रता को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
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