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Bengal: भ्रष्टाचार के आरोप में एक और पूर्व मंत्री, उगाही में पूर्व पार्षद गिरफ्तार; TMC नेताओं पर कसा शिकंजा

Wed, 17 Jun 2026 04:02 PM IST
Rahul Kumar आईएएनएस, कोलकाता
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उदयन गुहा - फोटो : फेसबुक
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पश्चिम बंगाल की पूर्व ममता बनर्जी सरकार में उत्तर बंगाल विकास विभाग के मंत्री रहे तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता उदयन गुहा को बुधवार को कोलकाता के फूलबागान स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि उन्हें किन धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार पुलिस लंबे समय से उनकी तलाश कर रही थी।

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सूत्रों का कहना है कि उदयन गुहा पर वर्ष 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद कूचबिहार जिले में हुई चुनाव बाद हिंसा में कथित संलिप्तता के आरोप हैं। माना जा रहा है कि उनकी गिरफ्तारी उसी मामले में दर्ज मामलों के सिलसिले में की गई है।

9 मई को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई भाजपा सरकार के सत्ता संभालने के बाद ममता बनर्जी के पूर्व मंत्रिमंडल के गिरफ्तार होने वाले उदयन गुहा तीसरे मंत्री हैं। इससे पहले पिछले महीने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बहुचर्चित नगर निकाय भर्ती घोटाले में कथित संलिप्तता के आरोप में पूर्व अग्निशमन मंत्री सुजीत बोस को गिरफ्तार किया था।
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इसके बाद 9 जून को पूर्व सुधार सेवा मंत्री उज्ज्वल बिस्वास को राज्य सरकार की राहत सामग्री के कथित अवैध भंडारण के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।अब बुधवार को उदयन गुहा की गिरफ्तारी के साथ पूर्व ममता सरकार के तीन मंत्री जेल पहुंच चुके हैं।

बता दें कि उदयन गुहा, कूचबिहार के वरिष्ठ वामपंथी नेता और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (एआईएफबी) के दिवंगत नेता कमल गुहा के पुत्र हैं। कमल गुहा दो दशकों से अधिक समय तक पश्चिम बंगाल की वाम मोर्चा सरकार में मंत्री रहे थे।

उदयन गुहा ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक से की थी। वर्ष 2011 में उन्होंने पहली बार कूचबिहार जिले की दिनहाटा विधानसभा सीट से विधायक का चुनाव जीता था। हालांकि 2016 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया और उसी सीट से टीएमसी उम्मीदवार के रूप में दोबारा विधायक निर्वाचित हुए। वह वर्ष 2026 तक दिनहाटा से विधायक रहे, लेकिन हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार अजय राय ने उन्हें 17 हजार से अधिक मतों के अंतर से पराजित कर दिया।

पार्षद पर तीन करोड़ की उगाही का आरोप, था फरार
पुलिस के अनुसार पार्षद सुशांत घोष पर हॉकर्स से करीब तीन करोड़ रुपये की उगाही का आरोप है। मामला दर्ज होने के बाद से ही वह फरार था। लगातार तलाश के बाद आखिरकार बुधवार को उसे पुरी से गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में सुशांत घोष के नाम और कथित बेनामी संपत्तियों के बारे में भी कई जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि उनके पास प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में अचल संपत्तियां हैं।

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