तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व सांसद तापस पाल को शुक्रवार को चिटफंड घोटाले के सिलसिले में सीबीआई ने गिरफ्तार किया। इस घोटाले की जांच कर रहे केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दोपहर उनसे चार घंटे तक पूछताछ की। लेकिन तापस के बयान में विसंगतियों के चलते बाद में उनको गिरफ्तार कर लिया गया। सीबीआई ने रोज वैली चिटफंड घोटाले के सिलसिले में उनको पूछताछ के लिए समन भेजा था। उसके आधार पर तापस शुक्रवार सुबह अपनी पत्नी के साथ सीबीआई के स्थानीय दफ्तर पहुंचे थे।
रोज वैली पर निवेशकों से 17 हजार करोड़ रुपये ठगने का आरोप है। सीबीआई सूत्रों ने बताया कि रोज वैली के मालिक गौतम कुंडू को तापस पाल ही बांग्ला फिल्मोद्योग टालीवुड में लाए थे। तापस कंपनी के इंटरटेनमेंट व फिल्म डिवीजन के निदेशक थे। उनकी पत्नी भी उसी में काम करती थी।
सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान तापस कई सवालों के जवाब नहीं दे सके। इसके अलावा बीते मार्च में छापेमारी के दौरान अपने आवास से बरामद दस्तावेजों के बारे में भी वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद उनको गिरफ्तार करने का फैसला किया गया। सीबीआई को शक है कि रोज वैली में रहने के दौरान तापस पाल को आर्थिक रूप से काफी फायदा हुआ था।