तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने रविवार को आरोप लगाया कि दिनेश त्रिवेदी ने सदन का ‘इस्तेमाल’ किया और उन्हें उनके ‘कुटिल’ राजनीतिक उद्देश्य के लिए सदन का दुरुपयोग करने दिया गया। त्रिवेदी ने शुक्रवार को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था।
राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के मुख्य सचेतक सुखेंदु शेखर राय ने सभापति को पत्र लिख कर कहा कि पार्टी ने केंद्रीय बजट 2021-22 पर चर्चा के लिए वक्ताओं के तौर पर केवल दो नामों की अनुशंसा की थी और त्रिवेदी उनमें शामिल नहीं थे। उन्होंने कहा कि तृणमूल पार्टी को दिया गया वक्त दो वक्ताओं के निर्धारित दिन बोलने के बाद समाप्त हो गया था, इसके बावजूद त्रिवेदी को बोलने क्यों दिया गया।
राय ने कहा कि 12 फरवरी 2021 को अपराह्न करीब एक बजकर 25 मिनट पर जब वित्त मंत्री बजट चर्चा पर जवाब देने जा रही थीं, उस वक्त तृणमूल कांग्रेस के एक सदस्य दिनेश त्रिवेदी को अपराह्न एक बजकर 25 मिनट से करीब चार मिनट तक बोलने की अनुमति दी गई, जबकि एआईटीसी ने बजट पर चर्चा के लिए उनका नाम वक्ता के तौर पर पेश नहीं किया था और पार्टी का वक्त भी समाप्त हो गया था। राय ने मामले की जांच कराने की मांग की।
बता दें कि इस्तीफा देने के दौरान दिनेश त्रिवेदी ने पार्टी में घुटन का हवाला दिया था। दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि जिस तरह राज्य में हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं, पार्टी में इस मुद्दे को उठाने के लिए कोई मंच नहीं है। ऐसे में पार्टी में अपनी बात रखना मुश्किल हो रहा है। दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि इसी वजह से मैं पार्टी से इस्तीफा देना चाहता हूं।
राज्यसभा में इस्तीफा देने के बाद टीएमसी सांसद दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि मेरी आत्मा मुझसे कहती है कि अगर आप यहां बैठकर कुछ नहीं कर सकते हैं तो आपको इस्तीफा दे देना चाहिए। मैं पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए काम करना जारी रखूंगा। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी में ऐसा कोई मंच नहीं था, जहां मैं अपनी आवाज उठा सकता था। मैंने बंगाल के साथ अन्याय किया होगा।