पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता अबू ताहेर ने ऐसा बयान दिया है, जिसने न सिर्फ टीएमसी नेतृत्व को असहज किया है, बल्कि भाजपा के लिए भी चुनावी बढ़त का दावा कर दिया है।
अबू ताहेर का कहना है कि जब टीएमसी सत्ता में थी, तब 15 वर्षों तक उन्हें पार्टी ने उम्मीदवार के तौर पर नहीं चुना। ऐसे में अब उन्हें उपचुनाव में उतारना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने 2007 में वाम मोर्चा सरकार के खिलाफ भूमि अधिग्रहण आंदोलन में संघर्ष किया था। इसके बावजूद पार्टी की सत्ता के दौरान उन्हें कभी उम्मीदवार के तौर पर गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि अब उन्हें 'बलि का बकरा' क्यों बनाया जाए। ताहेर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि पार्टी उन्हें नंदीग्राम से चुनाव लड़ने को कहती है तो वह प्रस्ताव ठुकरा देंगे।
अबू ताहेर ने कहा कि अगर नंदीग्राम में चुनाव लड़ना है तो ममता बनर्जी को खुद मैदान में उतरना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि 2021 में ममता बनर्जी ने इसी सीट से भाजपा उम्मीदवार और अपने पूर्व सहयोगी शुभेंदु अधिकारी को चुनौती दी थी। उनका कहना है कि जब पार्टी सत्ता में थी, तब ममता खुद यहां चुनाव लड़ने आई थीं, तो अब स्थानीय नेता को आगे क्यों किया जा रहा है?
अबू ताहेर के बयान को ममता बनर्जी से अलग चल रहे टीएमसी के बागी खेमे ने भी हाथोंहाथ लिया है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट के प्रवक्ता रिजुआ दत्ता ने ताहेर का समर्थन करते हुए कहा कि अगर ममता बनर्जी चुनाव नहीं लड़ना चाहतीं तो उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी को नंदीग्राम से मैदान में उतरना चाहिए। दत्ता ने दावा किया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट नंदीग्राम से उम्मीदवार तक नहीं खोज पाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि उनका गुट ही 'असली टीएमसी' है और वह चुनाव में मुकाबला करेगा।
नंदीग्राम का नाम पश्चिम बंगाल की राजनीति में ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी, दोनों के राजनीतिक सफर से गहराई से जुड़ा है। 2007 का भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन इसी इलाके से जुड़ा था, जिसने आगे चलकर टीएमसी को राज्य की सत्ता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2011 में टीएमसी ने पश्चिम बंगाल में 34 साल लंबे वाम मोर्चे के शासन का अंत किया। इसके बाद नंदीग्राम की राजनीति ने नया मोड़ लिया।
शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी छोड़कर भाजपा का दामन थामा और 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम से ममता बनर्जी को कड़े मुकाबले में हरा दिया। इसके बाद यह सीट दोनों नेताओं की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का प्रतीक बन गई।
2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ ममता बनर्जी की सीट भवानीपुर से भी चुनाव लड़ा और दोनों जगह जीत हासिल की। इसके बाद उन्होंने नंदीग्राम सीट खाली कर दी और मुख्यमंत्री बने। अब उपचुनाव से पहले अधिकारी ने भाजपा की जीत का दावा किया है। उन्होंने कहा है कि इस बार नंदीग्राम में भाजपा रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज करेगी। अधिकारी ने 2016 में टीएमसी उम्मीदवार के रूप में नंदीग्राम से 81 हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी और अब वह इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने का लक्ष्य बता रहे हैं।
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्तूबर को मतदान होगा। दोनों सीटों के नतीजे 9 अक्तूबर को घोषित किए जाएंगे। उम्मीदवार 16 सितंबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 17 सितंबर को होगी, जबकि उम्मीदवार 19 सितंबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे।