तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने एक बार फिर भाजपा की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता मनरेगा योजना के तहत पश्चिम बंगाल के केंद्रीय धन जारी करने के दावों का समर्थन में दस्तावेज क्यों नहीं पेश कर रहे हैं। इसके अलावा, बनर्जी ने पूछा कि आधार कार्ड और अन्य वैध दस्तावेज रखने वाले किसी व्यक्ति को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए क्यों कहा जाना चाहिए।
भाजपा नेताओं को दी चुनौती
अभिषेक बनर्जी सोमवार को दक्षिण दिनाजपुर जिले के बालुरघाट में लोकसभा चुनाव के उम्मीदवार और राज्य मंत्री बिप्लब मित्रा के पक्ष में रैली करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सीएए के नियमों के तहत लोगों को नागरिकता के लिए दस्तावेज दिखाने होंगे ठीक उसी प्रकार भाजपा नेताओं को मनरेगा और आवास योजना को लेकर किए गए दावे के समर्थन में कागजात दिखाएं। लेकिन मुझे विश्वास है कि वह ऐसा नहीं करेंगे। वे इसी वजह से खुली बहस से कतरा रहे हैं। भाजपा पर धर्म की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए बनर्जी ने कहा कि आज, अयोध्या में तीन हजार करोड़ रुपये की लागत से राम मंदिर बन गया है। लेकिन गरीबों को अभी तक सिर पर छत नहीं मिली है।
पहले भी निशाना साध चुके हैं जलपाईगुड़ी
इससे पहले, बनर्जी ने जलपाईगुड़ी की एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि भाजपा ने अखबारों में विज्ञापन जारी किया है, जिसमें कहा कि उन्होंने बंगाल को पैसा दिया। मैंने सुबह ट्वीट कर कहा कि अगर वह मनरेगा और आवास योजना के तहत वितरित धन पर एक श्वेत पत्र पेश कर सकें तो मैं उनके साथ कहीं भी बहस कर सकता हूं। केंद्र को एक रिपोर्ट पेश करनी चाहिए, जिससे यह साबित हो सके कि उन्होंने पिछले तीन वर्षों में पश्चिम बंगाल को कितनी धनराशि आवंटित की है। उन्होंने प्रधानमंत्री से यह बताने का भी आग्रह किया था कि विधानसभा चुनावों में हार के बाद से बंगाल की फंडिंग क्यों रोकी गई है। अगर वे यह सब साबित कर सकें तो मैं राजनीति से सन्यास ले लूंगा। बनर्जी ने कहा था कि केंद्र सरकार नागरिकता साबित करने के लिए दूसरों से कागज मांग रही है। वे पहले यह साबित कर दें कि उन्होंने बंगाल को धन क्यों नहीं जारी किया है। बंगाल के अलावा अन्य सभी राज्यों को मनरेगा धनराशि प्राप्त हुई है।