सार
हुमायूं कबीर के कथित वीडियो से पश्चिम बंगाल में राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। टीएमसी ने भाजपा से संबंध और साजिश का आरोप लगाकर जांच की मांग की, जबकि कबीर ने इसे फर्जी बताया। वीडियो की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन चुनाव से पहले आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
टीएमसी के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर।
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में गुरुवार को उस वक्त बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब हुमायूं कबीर का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। इस वीडियो में कबीर को कथित तौर पर वरिष्ठ भाजपा नेताओं से संबंध होने और आगामी विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराने की रणनीति बनाते हुए दिखाया गया है।
टीएमसी ने लगाए गंभीर आरोप
तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह वीडियो साझा किया और मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने की मांग की। पार्टी ने आरोप लगाया कि कबीर विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से संपर्क में थे और यह एक बहु-करोड़ की साजिश का हिस्सा है।
वीडियो में क्या है?
वीडियो, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, में कबीर कथित रूप से कहते सुनाई दे रहे हैं कि वह ममता बनर्जी को सत्ता से हटाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। इसमें यह भी दावा किया गया है कि उन्होंने भाजपा नेताओं के साथ मिलकर अल्पसंख्यक वोटों को टीएमसी से दूर करने की रणनीति बनाई है, जिससे भाजपा को चुनावी फायदा हो सकता है। वीडियो में कथित तौर पर यह भी दावा किया गया है कि इस योजना के लिए 1000 करोड़ रुपये की डील हुई, जिसमें से 200 करोड़ रुपये अग्रिम के तौर पर मिले।
कबीर ने क्या दी प्रतिक्रिया?
हालांकि, हुमायूं कबीर ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने वीडियो को एआई-जनरेटेड बताते हुए इसे उनकी छवि खराब करने की साजिश करार दिया और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। कबीर ने टीएमसी को चुनौती दी कि वे उनके किसी भी भाजपा नेता से मिलने का समय और स्थान बताएं।
टीएमसी के वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम ने आरोप लगाया कि कबीर भाजपा के साथ मिलकर अल्पसंख्यक वोटरों को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह वीडियो गहरी साजिश को उजागर करता है। वहीं मंत्री अरूप बिस्वास ने भी इसे चुनावी परिणामों को प्रभावित करने की कोशिश बताया।
दूसरी ओर, भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए टीएमसी पर सस्ती राजनीति करने का आरोप लगाया। भाजपा प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा कि टीएमसी को सत्ता खोने का डर सता रहा है, इसलिए इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।