बम निरोधक दस्ते ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले में हुए विस्फोट की जांच के लिए घटनास्थल का दौरा किया। विस्फोट में तीन लोग मार गए थे। पुलिस ने यह जानकारी दी।
भूपतिनगर में शुक्रवार को एक घर में विस्फोट हुआ। इसमें एक टीएमसी कार्यकर्ता समेत तीन लोग मारे गए। विस्फोट पास के कांथी इलाके में शनिवार को वरिष्ठ टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी की रैली से कुछ घंटे पहले हुआ था।
पुलिस ने बताया कि बम निरोधक दस्ते ने मौके से नमूने एकत्र किए। भाजपा कार्यकर्ताओं के एक समूह ने घटनास्थल के पास जाने की कोशिश की और सवाल किया कि बम निरोधक दस्ते को घटनास्थल का दौरा करने में इतना समय क्यों लगा। कार्यकर्ताओं ने पूछा कि अब तक फॉरेंसिक विशेषज्ञों को जांच के लिए क्यों नहीं बुलाया गया।
पुलिस ने कहा, जल्द ही टीएमसी के समर्थक भी मौके पर जमा हो गए और भाजपा कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश करने लगे। फिर हाथापाई शुरू हो गई। उन्होंने कहा कि हाथापाई में कुछ लोगों को मामूली चोटें आईं। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने चार-पांच भाजपा समर्थकों को हिरासत में लिया ताकि टीएमसी समर्थकों की भीड़ से बचाया जा सके। टीएमसी समर्थकों की संख्या ज्यादा थी।
रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवानों ने भीड़ को खदेड़कर कर स्थिति को काबू किया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, हम घटनास्थल की घेराबंदी कर रहे हैं, ताकि सबूत नष्ट न हों। धमाका इतना जोरदार था कि जिस घर में विस्फोट हुआ, उसके परखच्चे उड़ गए।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने मामले में एनआईए जांच की मांग की और आरोप लगाया कि टीएमसी कार्यकर्ता कच्चे बम बना रहे थे, तभी विस्फोट गलती से हुआ। वहीं, टीएमसी ने दावा किया कि शनिवार को बनर्जी की रैली में हमले के लिए बम बनाए जा रहे थे। भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने आरोप लगाया कि इलाके में उनकी पार्टी के समर्थकों पर हमला किया गया क्योंकि वे पुलिस को घटना के बारे में छुपाने से रोक रहे थे। उन्होंने दावा किया कि भाजपा समर्थक वहां यह सुनिश्चित करने गए थे कि कोई विस्फोट से जुड़े टीएमसी के सबूतों को नष्ट न करे। लेकिन पुलिस के सामने ही उनपर हमला किया गया।
वहीं, टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि भाजपा इलाके में अशांति फैलाना चाहती है और नहीं चाहती कि सच सामने आए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने गड़बड़ी पैदा करने के लिए इलाके में लोगों को भेजा, लेकिन ने उन्हें विफल कर दिया।