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Tirupati Row: 'नायडू की सोच सियासत के लिए भगवान के इस्तेमाल की, मिलावटी घी के आरोप गंभीर', लड्डू विवाद पर जगन

Fri, 20 Sep 2024 05:19 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती

सार

जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के 100 दिनों के शासन से ध्यान भटकाने के लिए लगाए गए हैं। हालांकि, इससे पहले मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने पिछली सरकार पर प्रसाद में जानवारों की चर्बी मिलाने का आरोप लगाया था, जिसके बाद से ही यह मामला सुर्खियों में आ गया। 
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जगन मोहन रेड्डी - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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आंध्र प्रदेश में तिरुपति बालाजी मंदिर में प्रसाद को लेकर जारी विवाद के कारण राज्य की राजनीति गरमा गई है। गुजरात में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) को परीक्षण के लिए भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट में प्रसाद बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली घी में जानवरों की चर्बी और मछली के तेल होने की पुष्टि की गई।  इस रिपोर्ट के बाद पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के 100 दिनों के शासन से ध्यान भटकाने के लिए लगाए गए हैं। पूर्व सीएम ने आगे कहा कि नायडू की सोच सियासत के लिए भगवान के इस्तेमाल करने जैसी है। हालांकि, इससे पहले मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने पिछली सरकार पर प्रसाद में जानवारों की चर्बी मिलाने का आरोप लगाया था, जिसके बाद से ही यह मामला सुर्खियों में आ गया। 
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जगन मोहन रेड्डी ने मुख्यमंत्री को घेरे में लेते हुए कहा, "आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू एक ऐसे व्यक्ति हैं, जो राजनीतिक लाभ के लिए भगवान का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। उनकी मानसिकता राजनीति के लिए भगवान का इस्तेमाल करने वाली है।" उन्होंने आगे कहा, "घी में मिलावट के आरोप बहुत गंभीर है।" वाईएसआरसीपी के अध्यक्ष ने सीएम नायडू से पूछा कि क्या करोड़ों भक्तों की भावनाओं के साथ खेलना ठीक है? जगन मोहन रेड्डी की बहन और आंध्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वाईएस शर्मिला ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखी। इस चिट्ठी में उन्होंने सीबीआई जांच की मांग की है। 

चंद्रबाबू नायडू ने किया था दावा
चंद्रबाबू नायडू ने अमरावती में एनडीए विधायक दल की बैठक में दावा किया था कि तिरुमाला लड्डू भी घटिया सामग्री से बनाया गया था। वे घी के बदले जानवरों की चर्बी का इस्तेमाल करते थे। उन्होंने आगे कहा कि अब शुद्ध घी का इस्तेमाल किया जाता है और मंदिर में सभी चीजों को सैनेटाइज कर दिया गया है।
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