तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम एक बार फिर गंभीर आरोपों के चलते विवादों में घिरता दिखाई दे रहा है। इस बार टीटीडी की ओर से प्रबंधित गोशाला में गायों की जान जाने का दावा किया गया है। हालांकि, टीटीडी की ओर से ऐसी खबरों को महज अफवाह करार दिया गया है। इस बीच टीटीडी के भूतपूर्व अध्यक्ष भूमना करुणाकर रेड्डी ने आरोप लगाया कि टीटीडी द्वारा प्रबंधित गोशाला में एक भयानक घटना घटी है। पिछले तीन महीनों में 100 देशी गायों की मौत हो चुकी है। बिना कोई उचित कारण बताए टीटीडी अधिकारी झूठा दावा कर रहे हैं कि कोई मौत नहीं हुई है।
उन्होंने कहा, 'माताओं से भी अधिक पूजनीय गायों की दुर्दशा देखकर बहुत दुख होता है, जो कुप्रबंधन का शिकार हो रही हैं। मैंने उचित देखरेख के अभाव में हुई मौतों की विशेष जांच की मांग की है। वर्तमान मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने व्यापक रूप से प्रचार किया कि तिरुमाला की स्थिति खराब हो रही है और उसे ठीक करने की आवश्यकता है। हालांकि, पिछले 10 महीनों में कई घटनाएं घट चुकी हैं। मुझे आश्चर्य है कि इस मुद्दे पर मेरे द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के तुरंत बाद टीटीडी ने एक बयान जारी कर गायों की किसी भी मौत से इनकार कर दिया।'
वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर का प्रबंधन करता है टीटीडी
तिरुमाला की पहाड़ियों पर स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर का प्रबंधन तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम बोर्ड (टीटीडी) करता है। इससे पहले तिरुपति के प्रसिद्ध लड्डू प्रसादम में जानवरों की चर्बी के इस्तेमाल पर जमकर विवाद हुआ था। बाद में मंदिर प्रशासन ने कहा था कि प्रसाद की पवित्रता बहाल कर ली गई है। टीटीडी ने बयान जारी कर बताया था कि अब प्रसाद पूरी तरह से पवित्र और बेदाग है।
सीएम चंद्रबाबू नायडू ने किया था खुलासा
बीते साल अगस्त-सितंबर में मंदिर प्रबंधन संस्था ने खुलासा किया था कि गुणवत्ता के लिए जांचे गए नमूनों से पता चला कि प्रसाद के लड्डू बनाने के लिए घटिया घी का इस्तेमाल हो रहा था, जिसमें जानवरों की चर्बी की मौजूदगी का पता चला है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने भी यह दावा किया था। इसे लेकर पूरे देश में नाराजगी देखी गई थी। आरोपों के बाद बैकफुट पर दिख रही वाईएसआरसीपी पार्टी ने टीडीपी की मौजूदा सरकार पर ही आरोप लगाए थे और इसे टीडीपी की भटकाने वाली राजनीति करार दिया था। वाईएसआरसीपी ने सीएम के आरोपों को मनगढ़ंत करार दिया था।