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Tirumala Laddu Controversy: 'घी में मिलावट की रिपोर्ट पिछली सरकार ने दबाई', लड्डू विवाद पर मंत्री का बड़ा दावा

Sat, 31 Jan 2026 12:51 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती

सार

आंध्र प्रदेश के वित्त मंत्री पय्यावुला केशव ने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के उन दावों को खारिज किया है, जिनमें तिरुमला तिरुपति देवस्थानम के लड्डू के लिए सप्लाई किए गए घी को लेकर सवाल उठाए गए थे। केशव ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने टीटीडी लड्डू के लिए घी की खरीद को आस्था का विषय मानने के बजाय एक सामान्य व्यावसायिक सौदे की तरह लिया।
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तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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विस्तार
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तिरुमाला घी और लड्डू विवाद को लेकर आंध्र प्रदेश के मंत्री पय्यावुला केशव ने दावा है कि 2019 में वाईएसआरसीपी सरकार ने निविदा की शर्तों में बदलाव किया था। मंत्री पय्यावुला केशव का दावा है कि लड्डू में मिलावट 2019 के बाद शुरू हुई, इसके सबूत मौजूद हैं। बता दें कि, 2022 में मैसूरु स्थित सीएफटीआरआई की तरफ से विश्लेषण किए गए घी के नमूनों में मिलावट पाई गई। मंत्री का कहना है कि पिछली सरकार ने इसे दबा दिया था। उन्होंने आगे कहा कि वाईएसआरसीपी को भगवान वेंकटेश्वर स्वामी में आस्था नहीं है। उन्होंने घी की खरीद को एक व्यावसायिक लेन-देन की तरह लिया। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में भगवान के प्रति विश्वास को नजरअंदाज किया गया।
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सीएम नायडू ने NDDB की रिपोर्ट का दिया था हवाला
वित्त मंत्री के मुताबिक, घी के जो सैंपल राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) को भेजे गए थे, उनकी रिपोर्ट में साफ कहा गया था कि घी में पशु वसा होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इसी रिपोर्ट का हवाला दिया था।
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जगन सरकार ने दबाई मिलावट की रिपोर्ट- केशव
मंत्री केशव ने आगे कहा कि घी के सैंपल केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (सीएफटीआरआई), मैसूरु को भी भेजे गए थे। वहां की रिपोर्ट में साफ लिखा था कि घी मिलावटी है। आरोप है कि तत्कालीन वाईएस जगन मोहन रेड्डी सरकार ने इस रिपोर्ट को दबाकर रखा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली सरकार द्वारा नियुक्त टीटीडी बोर्ड ने घी की खरीद के लिए टेंडर की शर्तों में बदलाव किया। इससे कम टर्नओवर वाली छोटी कंपनियों को ठेका मिलने का रास्ता खुल गया।
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SIT की चार्जशीट में बताया गया करोड़ों का घोटाला- मंत्री
वित्त मंत्री ने कहा कि विशेष जांच दल (एसआईटी) की चार्जशीट में इस घी मिलावट को लेकर करीब 240 करोड़ रुपये का घोटाला बताया गया है। इसके अलावा, केशव ने आरोप लगाया कि तत्कालीन टीटीडी चेयरमैन वाईवी सुब्बा रेड्डी के निजी सहायक को डेयरी कंपनियों से चार करोड़ रुपये मिले, जिन्हें बाद में दूसरे खातों में ट्रांसफर किया गया।

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