टीपू सुल्तान मस्जिद के शाही इमाम मौलाना नूर-उर-रहमान बरकती को पद से हटाया गया
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कोलकाता के टीपू सुल्तान मस्जिद के शाही इमाम मौलाना नूर-उर-रहमान बरकती को पद से हटा दिया गया है। बरकती पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नजदीकी माने जाते हैं। बरकती अपने विवादास्पद बयानों के चलते हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी गाड़ी से लालबत्ती हटाने की बात पर जिहाद करने की धमकी दे दी थी।
मौलाना नूर-उर-रहमान बरकती तो पद से हटाने का फैसला टीपू सुल्तान शाही मस्जिद के ट्रस्टी बोर्ड ने लिया और बुधवार को उन्हें पद से हटा दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें हटाने का आधिकारिक निर्णय बुधवार को दोपहर में लिया गया। हालांकि इसकी आधिकारी तौर पर घोषणा नहीं की गई।
बरकती को पद से हटाने से पहले मंगलवार को टीपू सुल्तान शाही मस्जिद के बोर्ड ने पुलिस में बरकती के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई थी। एफआईआर में कहा गया है कि बरकती मस्जिद के आधिकारिक कमरों की चाबियों पर कब्जा जमाए बैठे हैं और वो मांगने पर भी मस्जिद की चाबियां बोर्ड को नहीं सौंप रहे हैं।
टीपू सुल्तान शाही मस्जिद के बोर्ड के प्रमुख अनवर अली शाह ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद आधिकारिक दस्तावेजों को रखने वाले कमरे का ताला खोला था। बरकती पर आरोप है कि उन्होंने उन चाबियों पर दोबारा से कब्जा जमाकर आधिकारिक दस्तावेजों को नष्ट करने का प्रयास किया, ताकि बोर्ड के ट्रस्टी उन दस्तावेजों तक न पहुंच सकें।
ट्रस्टी बोर्ड के मुखिया ने कहा कि बरकती को पद से हटाने का फैसला उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के बाद लिया गया। बरकती लगातार राजनीतिक और टिप्पणियां कर धार्मिक स्थान का राजनीतिक करण कर रहे थे।
बरकती को मंगलवाल को पब्लिक मीटिंग के बाद हटाने का फैसला लिया गया।
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह मौलाना बरकती ने भारत देश को हिंदू राष्ट्र बनाने की कोशिश के विरोध में जिहाद की धमकी दी थी। साथ ही उन्होंने अपनी कार पर लगी लाल बत्ती को भी हटाने से मना कर दिया था। उनका कहना था कि लाल बत्ती लगाने का अधिकार शाही इमाम को ब्रिटिश गवर्नमेंट से मिला है। इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा था कि अगर भारत हिंदू राष्ट्र बनता है कि देश के मुस्लिम पाकिस्तान के पक्ष में भारत के खिलाफ लड़ेंगे।