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कर्नाटक में सातवीं कक्षा की पाठ्यपुस्तक से हटा टीपू सुल्तान आधारित अध्याय, कांग्रेस ने जताया विरोध

Tue, 28 Jul 2020 06:57 PM IST
Rajeev Rai न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
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Tipu Sultan portrait
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कर्नाटक सरकार के एक फैसले से एक बार भी राजनीति गरमाने लगी है। टीपू सुल्तान का नाम पाठ्यपुस्तक से हटाने के मामले में कांग्रेस और भाजपा में टकराव बढ़ता दिख रहा है। मैसूर के 18वीं सदी के विवादास्पद शासक टीपू सुल्तान और उसके पिता हैदर अली पर आधारित अध्याय को कक्षा सातवीं के समाज विज्ञान की पाठ्यपुस्तक से हटा दिया गया है।

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कोविड-19 महामारी के कारण 2020-21 के पाठ्यक्रम को घटाने के कर्नाटक सरकार के निर्णय के बाद यह कदम उठाया गया। हालांकि, आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कक्षा छठी और दसवीं की किताबों में टीपू सुल्तान पर अध्यायों को बरकरार रखा गया है।

कर्नाटक पाठ्यपुस्तक सोसाइटी की वेबसाइट पर संशोधित पाठ्यक्रम को अपलोड किया गया है। इससे पता चला है कि कक्षा सातवीं के समाज विज्ञान की पाठ्यपुस्तक से हैदर अली और टीपू सुल्तान, मैसूर के ऐतिहासिक स्थलों और आयुक्त प्रशासन के बारे में अध्याय पांच को हटा दिया गया है। अध्याय को हटाने से जुड़े एक सवाल पर अधिकारियों ने कहा कि यह ध्यान देना चाहिए कि छात्र कक्षा छठी और दसवीं में भी टीपू के बारे में पढ़ाई करते हैं। 
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कुछ महीने पहले पाठ्यपुस्तक में टीपू सुल्तान के गुणगान वाले एक अध्याय को हटाने के लिए भाजपा के कुछ नेताओं की मांग के बाद इस पर गौर करने के लिए सरकार ने विशेषज्ञ कमेटी का गठन किया था। हालांकि कमेटी ने कहा था कि स्कूली पाठ्यक्रम में शासक को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

घटनाक्रम पर कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डी के शिवकुमार ने कहा कि भाजपा सरकार राजनीतिक एजेंडे को ध्यान में रखते हुए ऐसा फैसला कर रही है। उन्होंने कहा, ‘इतिहास को आप बदल नहीं सकते। हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे। कांग्रेस इस मुद्दे को गंभीरता से लेगी और इस पर गौर करने के लिए एक कमेटी बनाएगी।’

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