जेल सुधार के लक्ष्य के साथ शुरू किए गए तिनका-तिनका फाउंडेशन कैदियों और जेल अधिकारियों को सम्मानित करने जा रहा है। आठ नवंबर को इस अवार्ड के विजेताओं के नाम का एलान किया जाएगा और इसके अगले दिन पुरस्कार वितरण किया जाएगा।
तिनका-तिनका फाउंडेशन की ओर से नौ दिसंबर को कैदियों और जेल कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार जारी किए जाएंगे। इस साल पुरस्कारों की थीम जेलों में टेलीफोन है। जेलों में रचनात्मकता का जश्न मनाने और इस ओर योगदान देने वाले कैदियों और जेल कर्मचारियों को सम्मानित करने का यह सातवां साल है। इनके लिए नामांकन सितंबर में आमंत्रित किए गए थे।
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इस साल इस पुरस्कार के लिए तीन श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इनमें पेंटिंग, विशेष उल्लेख और जेल स्टाफ शामिल हैं। फाउंडेशन के अनुसार इन पुरस्कारों के लिए इस साल 400 से अधिक नामांकन प्राप्त हुए थे। इस साल इन पुरस्कारों के साथ-साथ 'तिनका-तिनका बंदिनी पुरस्कार' भी शामिल कर दिया गया है। इसके तहत दो महिलाएं को इस अवार्ड से चयनित किया गया है।
विजेताओं की घोषणा आठ दिसंबर को की जाएगी और पुरस्कार अगले दिन मानवाधिकार दिवस की पूर्व संध्या पर दिए जाएंगे। फाउंडेशन की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार इस वर्ष ज्यूरी के सदस्यों में दिल्ली जेल के पूर्व डीजी सुधीर यादव, पश्चिम बंगाल जेल के पूर्व डीजी अरुण कुमार गुप्ता और तिनका-तिनका फाउंडेशन की संस्थापक डॉ. वर्तिका नंदा शामिल थीं।