वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वर्तिका नंदा द्वारा स्थापित तिनका तिनका फाउंडेशन ने जेल में बंद कैदियों की जिंदगी बदलनी शुरू कर दी है। अपने जेल रेडियो अभियान के चलते उन्होंने 21 साल से जेल में बंद सोनिया की जिंदगी को नए मायने दिए तो ऐसे कई कैदी हैं, जिनके हुनर को उन्होंने नई पहचान दी।
फाउंडेशन की ओर से हरियाणा की जेलों में 2020 में रेडियो की शुरुआत की गई थी। इस दौरान सोनिया नाम की कैदी भी रेडियो जॉकी के तौर पर इस प्रिजन रेडियो से जुड़ी। यहीं से उसकी जिंदगी भी बदलनी शुरू हो गई। उसके हुनर को पहचान मिलती गई। एक समय ऐसा आया कि सोनिया को जेलों में उसके योगदान के लिए तिनका तिनका बंदिनी अवार्ड दिया गया।
मां को मिली पहचान तो बेटा आया मिलने
आजीवन कारावास की सजा काट रही सोनिया से उनका बेटा रिश्ता तोड़ चुका था, लेकिन जब सोनिया की आवाज को पहचान मिलने लगी। तिनका के यूट्यूब चैनल पर उसकी आवाज का जादू छाने लगा तो सोनिया का बेटा भी कई सालों बाद अपनी मां से मिलने पहुंचा वह मां के गले मिला और माफी भी मांगी।
19 जेलों में पहुंच चुका है रेडियो
जेल में कैदियों के लिए तिनका तिनका फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे प्रयासों का 2018 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा भी संज्ञान लिया जा चुका है। वर्तिका नंदा अब तक हरियाणा की 19 जेलों में रेडियो पहुंचा चुकी हैं। करीब 50 कैदियों को रेडियो जॉकी के लिए प्रशिक्षित किया गया है। आने वाले दिनों मे कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, जींद और सोनीपत मे भी जेल रेडियो लाए जाने की तैयारी है।
2021 में जेल के छह गाने किए रिलीज
तिनका तिनका फाउंडेशन 2021 में जेल के छह गाने रिलीज कर चुका है। ये गाने कैदियों द्वारा मिलकर ही लिखे गए हैं। तिनका तिनका ने करनाल जेल के 10 कैदियों को भी जेल का थीम सान्ग रिलीज करने में मदद की थी। वहीं देहरादून के 14 बंदियों को भी जेल की सिग्नेचर ट्यून लिखने और गाने का अवसर प्रदान किया गया।