'इंडिया द मदर ऑफ डेमोक्रेसी एंड रोल ऑफ ईसीआई विषय' पर सीईसी ने कहा कि 1952 से लेकर अब तक लगातार और समय पर विश्वसनीय चुनाव नतीजे देकर भारत ने दुनिया को अपनी विशाल राष्ट्रीय क्षमता दिखा दी है। उन्होंने कहा कि भारत ने यह साख ऐसे समय में बनाई है, जब तमाम लोकतंत्र कमजोर पड़ रहे हैं।
उन्होंने स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने में आ रही चुनौतियों के संदर्भ में सोशल मीडिया पर छाई फेक न्यूज और डीपफेक खतरे का जिक्र किया। सूत्रों के मुताबिक, विदेश में रहने वाले लोगों के मताधिकार के बारे में पूछे जाने पर कुमार ने कहा कि समय आ गया है जब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर पात्र प्रवासी भारतीय मतदाताओं को इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित डाक मतपत्र प्रणाली (ईटीबीपीएस) के जरिये माध्यम की सुविधा प्रदान करनी चाहिए।
इस साल मार्च में सरकार की तरफ से राज्यसभा को बताया गया था कि प्रवासी भारतीय मतदाताओं के लिए ईटीपीबीएस सुविधा के चुनाव आयोग के प्रस्ताव पर विदेश मंत्रालय के साथ विचार-विमर्श जारी है। इसका उद्देश्य इसे लागू करने में पेश आने वाली तार्किक चुनौतियों को दूर करना है। गौरतलब है कि इस साल जनवरी तक प्रवासी भारतीय मतदाताओं की कुल संख्या करीब 1.15 लाख थी।