प्रोजेक्ट टाइगर के 50 साल पूरे होने के मौके पर गैर लाभकारी संस्था वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन सोसाइटी ऑफ इंडिया (डब्ल्यूपीएसआई) ने बाघों पर रिपोर्ट जारी की है।
इस साल अब तक भारत में 204 बाघ मारे गए हैं। सबसे अधिक 52 बाघ महाराष्ट्र में मारे गए। इसके बाद दूसरे नंबर पर मध्य प्रदेश है, जहां 45 बाघों की मौत हुई। 26 मौतों के साथ उत्तराखंड तीसरे स्थान पर है। इनकी मौत के अलग-अलग कारणों के साथ शिकारियों ने 55 बाघों की जान ली है।
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प्रोजेक्ट टाइगर के 50 साल पूरे होने के मौके पर गैर लाभकारी संस्था वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन सोसाइटी ऑफ इंडिया (डब्ल्यूपीएसआई) ने बाघों पर रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार तमिलनाडु और केरल में 15-15 बाघों की मृत्यु हुई।
कर्नाटक में 13, असम और राजस्थान में 10-10, यूपी में 7, बिहार और छत्तीसगढ़ में 3-3, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में 2-2 बाघों की मौत हुई। तेलंगाना में इस वर्ष केवल एक बाघ की मौत हुई।
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3,167 थी 2022 तक बाघों की संख्या
अखिल भारतीय बाघ अनुमान की गणना के अनुसार 2018 से 2022 तक देश में बाघों की संख्या 200 बढ़ गई थी। 2022 में भारत में बाघों की संख्या 3,167 थी जबकि 2018 में यह 2,967 थी।