तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने यूएन वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (डब्ल्यूएफपी) को शांति का नोबेल पुरस्कार मिलने पर बधाई दी। मानवता में मजबूत विश्वास रखने वाले व्यक्ति के तौर पर मुझे उम्मीद है कि डब्ल्यूएफपी को मिला नोबेल पुरस्कार सभी को यह सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित करेगा कि दुनिया में कहीं भी कोई भूखा न सोए।
दलाई लामा ने शनिवार को डब्ल्यूएफपी के निदेशक डेविड बेस्ले को लिखे पत्र में कहा, यह पुरस्कार विश्व में भूख को कम करने में संगठन की अहम भूमिका को मान्यता है। गरीबी, भूख और कुपोषण जैसी समस्याओं से निपटने के लिए डब्ल्यूएफपी ने जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाई है।
उन्होंने कहा भले ही यह समस्याएं युद्ध के हालात से पैदा हुई हों या प्राकृतिक कारणों से। जहां निराशा के सिवा कुछ नहीं होता वहां भी संगठन ने शांति व सुविधा पहुंचाने का काम किया है। नोबेल पुरस्कार हमें अमीर और गरीब के बीच फासले को कम करने के अपने दायित्व की याद दिलाता है।
तिब्बती धर्मगुरु ने शानदार मानवीय कार्य करने के लिए डब्ल्यूएफपी के सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने कहा, मौजूदा वैश्विक स्वास्थ्य संकट हमें याद दिलाता है कि मानवता के सामने आने वाली चुनौतियों से एकजुट होकर निपटा जा सकता है। भूख और गरीबी को अंतरराष्ट्रीय सहायता के आधार पर खत्म किया जा सकता है।