जन्मजात बीमारी से पीड़ित बालिका की अंगुलियां
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जन्मजात बीमारी से पीड़ित बालिका इलाज के लिए भटक रही है। ओडिशा के बलांगीर की तीन वर्षीय बालिका जन्मजात बीमारी से जूझ रही है। उसके पिता ने सरकार से इलाज में मदद की आशा जताई है। बीमारी ऐसी की वह कोई काम अपने हाथों से नहीं कर पा रही है। उसके दोनों हाथों की दो अंगुलियां आपस में जुड़ गई हैं। उन पर असमान्य रूप से तीन अंगुलियां लगातार बढ़ रही हैं।
डेढ़ साल की उम्र में बीमारी का चला पता
बालिका के पिता का कहना है कि जन्म के कुछ महीने बाद अंगुलियां कुछ असमान्य होने लगी तो उन्होंने ध्यान नहीं दिया। धीरे-धीरे वह बढ़ता गया। डेढ़ साल बाद जब ज्यादा हो गया तो चिकित्सक को दिखाने पर बीमारी का पता चल सका।
पिता का कहना है कि बहुत जगह दिखाया गया लेकिन कुछ आराम नहीं हुआ। काफी रुपये खर्च हुए फिर भी बीमारी बढ़ती गई। पिता का कहना है कि हम बहुत गरीब हैं। सही से इलाज नहीं करा पा रहे हैं। आर्थिक तंगी से बिटिया का इलाज नहीं हो पा रहा है। मुझे आशा है कि सरकार हमारी मदद करेगी। उसकी दोनों हाथों की दो अंगुलियां आपस में जुड़ गई हैं और उन पर तीन अंगुलियां असामान्य रूप से बढ़ रही हैं।
चिकित्सा अधिकारी ने इलाज का दिलाया भरोसा
उप-मंडल चिकित्सा अधिकारी, टिटिलागढ़ ने आर्थिक तंगी से गुजर रहे परिवार को बेटी के इलाज का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि इसे सर्जरी के जरिए ठीक किया जा सकता है। बलांगीर में मेडिकल कॉलेज में सर्जरी कराई जा सकती है। वहीं वित्तीय मदद के लिए परिवार को सीएम राहत कोष से इसका लाभ उठाने को कहा। उप-मंडल चिकित्सा अधिकारी, टिटिलागढ़ ने बताया कि अगर उनके बीजू कृषक कल्याण योजना का कार्ड है तो वह भी मदद कर सकता है।