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अजीत पवार का दावा: शिंदे सरकार से अन्नदाता परेशान, महाराष्ट्र में रोज तीन से चार किसान आत्महत्या को मजबूर

Thu, 06 Oct 2022 07:50 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

राकांपा नेता ने कहा कि कुछ मामलों में मुआवजा दिया गया, लेकिन राशि इतनी कम थी कि किसान इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सत्ता में बैठे लोगों के पास किसानों की समस्या दूर करने का समय नहीं है।
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अजित पवार - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेता अजीत पवार ने गुरुवार को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार की जमकर आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि जून में शिंदे के सत्ता में आने के बाद से राज्य में हर रोज तीन से चार किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं। शिंदे ने 30 जून को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

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उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बार-बार अनुरोध करने के बावजूद सरकार ने राज्य के उन हिस्सों में गीला सूखा घोषित नहीं किया है, जहां भारी बारिश हुई और फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता पवार पुणे जिले में अपने निर्वाचन क्षेत्र बारामती में एक सभा को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि जब हम सरकार में थे, हमने कर्जमाफी का फैसला लिया था। इससे अब 50 हजार रुपये उन लोगों के खाते में आएंगे, जो अपना कृषि कर्ज समय पर चुकाते हैं। हमने किसानों के पक्ष में कई अहम फैसले किए थे, लेकिन जब से यह सरकार सत्ता में आई है, हर रोज तीन से चार किसान आत्महत्या कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि उनके द्वारा यह कदम उठाने का कारण यह है कि वे अपनी क्षतिग्रस्त फसलों का मुआवजा नहीं मिल रहा है। जो उन्हें मिलने वाला था। कुछ किसानों ने अपनी 'खरीफ' फसल खो दी, कुछ ने भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति के कारण अपनी रबी फसल खो दी, लेकिन सरकार सर्वे कराने के अलावा और कुछ नहीं कर रही है।

राकांपा नेता ने कहा कि कुछ मामलों में मुआवजा दिया गया, लेकिन राशि इतनी कम थी कि किसान इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सत्ता में बैठे लोगों के पास किसानों की समस्या दूर करने का समय नहीं है।

उन्होंने कहा कि हर चीज के लिए, वे (राज्य सरकार) केंद्र की ओर देखते हैं। मैंने उनसे उन क्षेत्रों में गीला सूखा घोषित करने के लिए कहा था, जहां भारी बारिश ने फसलों को नुकसान पहुंचाया था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।

शिवसेना सांसद ने उद्धव को आड़े हाथों लिया
शिवसेना के बागी सांसद श्रीकांत शिंदे ने पार्टी के दूसरे गुट के प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा बुधवार को दशहरा रैली में भाषण के दौरान उनके डेढ़ साल के बेटे का नाम लेने पर पर आपत्ति जताई। उन्होंने पूछा कि क्या एक बच्चे पर निशाना साधना उनके हिंदुत्व के अनुकूल है। श्रीकांत शिंदे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे हैं और ठाणे जिले की कल्याण लोकसभा सीट का लोकसभा में प्रतिनिधित्व करते हैं। शिंदे ने कहा कि शिवसेना के दिवंगत संस्थापक बाल ठाकरे अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ हमलावर रहते थे, लेकिन उन्होंने कभी ऐसी ओछी टिप्पणी नहीं की।

राहुल शेवाले ने आदित्य को घेरा
लोकसभा सांसद राहुल शेवाले ने आदित्य ठाकरे पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, तब वे स्विट्जरलैंड में घूम रहे थे और आनंद ले रहे थे। मैं यहां आपको बता रहा हूं कि हालांकि आदित्य पर्यावरण के बारे में बात करते रहते थे, पर उनका विदेश दौरा उद्योग से जुड़ा था।

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