तमिलनाडु में 60 साल बाद भगवान कृष्ण, विष्णु और श्रीदेवी की असली मूर्तियां वापस आएंगी। यह मूर्तियां मंदिर से चोरी कर तस्करों ने विदेशों में बेच दी थीं लेकिन तमिलनाडु सीआईडी की मूर्ति-शाखा ने इन्हें अमेरिका के संग्रहालयों में ढूंढ निकाला। यह भी सामने आया कि चोरी छिपाने के लिए मंदिर में नकली मूर्तियां रखवा दी गई थीं। दशकों तक इन्हीं की पूजा होती रही, मंदिर के पुजारियों व प्रशासकों का भी इन पर ध्यान नहीं गया।
मूर्ति शाखा के डीजीपी के जयंत मुरली ने बृहस्पतिवार को बताया कि कांसे की यह मूर्तियां कुंभकोणम के अरुलमिगु सुंदरराजा पेरुमल मंदिर से चोरी हुई थीं। अब इनकी वापसी के लिए कागजी कार्रवाई शुरू की गई है। इनमें से भगवान कलिंगनार्थना कृष्ण की मूर्ति सैन फ्रांसिस्को के एशियाई कला संग्रहालय में है। भगवान विष्णु की मूर्ति टेक्सास के किमबल कला संग्रहालय और देवी श्रीदेवी की मूर्ति फ्लोरिडा की हिल्स ऑक्शन गैलरी में है।
2020 में चोरी का पता चला
चोरी और धोखेबाजी के इस मामले की जांच 12 फरवरी 2020 में तब शुरू हुई जब मंदिर से तिरुमांगई अलवार की एक अन्य मूर्ति चोरी होने का केस दर्ज हुआ।
स्वतंत्र अध्ययनकर्ता से मिला सुराग
ब्रिटिश स्वतंत्र अध्ययनकर्ता ने अश्मोलीन संग्रहालय को बताया कि तमिलनाडु से चुराई गई मूर्तियों में से अलवार की मूर्ति उनके संग्रहालय में है। सीआईडी ने तब वापसी के प्रयास किए।