मुंबई तटों से गुजरे ताउते चक्रवात ने काफी तबाई मचाई थी, इस दौरान बार्ज 305 के डूबने से बहुत बड़ा हादसा हो गया था। इस दौरान जांच एजेंसी लगातार कार्रवाई कर रहीं हैं।
मुंबई के तट पर ताउते चक्रवात के दौरान बार्ज 305 के डूबने के मामले में एक शिपिंग कंपनी के निदेशक समेत तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है । पुलिस ने शनिवार को इसकी जानकारी दी ।
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पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को पापा शिपिंग प्राइवेट लिमिटेड के तीन अधिकारियों प्रसाद गनपत राणे (43), नितिन कुमार सिंह (32) और अखिलेश्वर तिवारी (49) को गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने बताया कि राणे कंपनी के प्रबंधक हैं जबकि सिंह निदेशक और तिवारी तकनीकी अधीक्षक के तौर पर काम करते हैं।
अपने अपतटीय गैस और तेल क्षेत्रों के रख-रखाव के लिए ओएनजीसी की ओर से नियुक्त ठेकेदार को कंपनी की ओर से प्रदान किया गया बार्ज 305 (चौड़ी पेंदी वाली नौका) 17 मई को ताउते चक्रवात की चपेट में आकर डूब गया था ।
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इस बजरे का इस्तेमाल ठेकेदार के लिए काम करने वाले कर्मियों को समायोजित करने के लिए किया गया था। इस हादसे में कम से कम 71 लोग डूब गए जबकि 186 लोगों को नौसेना और तटरक्षक बल ने बचा लिया।
बजरे के मुख्य अभियंता मुस्ताफिजुर रहमान हुसैन शेख की शिकायत पर येलो गेट पुलिस थाने में इस संबंध में बजरे के कैप्टन राजेश कुमार बल्लव के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था । हादसे में बल्लव की भी मौत हो गई थी ।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान पापा शिपिंग कंपनी के तीनों अधिकारियों की भूमिका सामने आई थी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। एक अदालत ने तीनों को आठ जुलाई तक पुलिस रिमांड में भेज दिया है।