पश्चिम बंगाल में मुर्शिदाबाद स्थित सरकारी मेडिकल कालेज अस्पताल में शनिवार दोपहर आग लगने से एक बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गई। आग से फैले धुएं की वजह से दम घुटने और इससे मची अफरा-तफरी में कई मरीज घायल हो गए हैं। प्रधान स्वास्थ्य सचिव आरएस शुक्ला ने बताया कि मरने वालों में अस्पताल की दो आया भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस हादसे की जांच के लिए एक समिति का गठन की है।
अस्पताल सूत्रों ने बताया कि आग दोपहर लगभग साढ़े 11 बजे पुरुष वार्ड में लगी। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि आपातकाल में बाहर निकलने वाले दरवाजे में ताला बंद होने की वजह से कई लोग समय पर बाहर नहीं निकल सके। इससे मरीजों में आतंक फैल गया और बाहर निकलने के प्रयास में कई लोग घायल हो गए।
मरीजों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में आग से बचाव का कोई इंतजाम नहीं था। आग लगने के बाद हड़बड़ी में कई नवजात शिशुओं को भी अस्पताल से बाहर मैदान में सुला दिया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (स्वास्थ्य) एस. साहा ने बताया कि मालदा से एक विशेष मेडिकल टीम मौके पर पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि आग पर भी काबू पा लिया गया है।