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यूपी में बिखरा कांग्रेस का कुनबा, बीजेपी जल्द कर सकती है बड़ा धमाका

Wed, 10 Aug 2016 11:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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यूपी में पैर जमाने से पहले ही कांग्रेस का कुनबा बिखरने लगा है। मुस्लिमों को जोड़कर 27 साल बाद सत्ता में आने का ख्वाब संजोए कांग्रेस केतीन मुसलमान विधायक हाथ का साथ छोड़ हाथी पर सवार होने को राजनीतिक हल्के में कांग्रेस की कमजोर रणनीति माना जा रहा।
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गुलाम नबी आजाद, शीला दीक्षित और राजबब्बर की करारे झटके के तौर पर देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि जल्द ही कंग्रेस को झटका देने वाली बसपा को भाजपा इसी तरह का बड़ा झटका देने की तैयारी में है।  चुनाव नजदीक देखते हुए अब राजनीतिक दलों में आयाराम गयाराम का दौर  चलेगा। 

कांग्रेस यूपी में अपनी कोई जमीन हासिल करने के लिए लगातार प्रोयग कर रही हैं। मुस्लिम, ब्राह्मण, दलित, पिछड़े को जोड़कर पार्टी ने सूबे में नई टीम उतारी थी। मुस्लिम चेहरे केतौर पर गुलाम नबी आजाद, ब्राह्मण शीला दीक्षित, पिछड़े राजबब्बर के अलावा प्रचार और समन्वय समिति में सभी जतियों की नुमाइंदगी दी थी।  
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पार्टी  के रणनीतिकार बताए जा रहे प्रशांत किशोर (पीके) भी मुस्मिल और ब्राह्मण को कांग्रेस के साथ लाने पर जोर दे रहे है। बुधवार को कांग्रेस के तीन मुस्लिम विधायक नवाज कजिम अली स्वार (रामपुर), दिलनवाज खां स्याना (बुलंदशहर), मौहम्मद मुस्लिम तिलोई (अमेठी) ने लखनऊ  में बसपा का दामन थाम लिया।

इन विधायकों ने राज्यसभा और विधान परिषद  में भी कांग्रेस के खिलाफ वोट की थी। उनको पार्टी ने निष्कासित  कर दिया था। पार्टी  सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस  के 11 विधायकों ने क्रास वोटिंग की थी। वे सभी विधायक भाजपा और बसपा के संपर्क  में  हैं।

कांग्रेस के यह सभी आठ विधायक कभी भी पार्टी को अलविदा कह सकते हैं। पार्टी अपने विधायकोंको बनाने में सफल नहीं हुई। कांग्रेस के प्रवक्ता मनोज त्यागी का कहना है कि बसपा में ंगए तीनों विधायकों को हम पहले ही पार्टी  से निकाल चुके थे। 

भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के तीन मुस्लिम विधायकों को अपने साथ लाने वाली बसपा के भी कई विधायक दूसरे दल खासकर भाजपा केसंपर्क में हैं। कभी भी भाजपा इसी तरह का धमाका कर बसपा को झटका दे सकती है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगले साल होने वाले चुनाव के मदद्ेनजर सभी राजनीतिक दलों से सुरक्षित ठिकाने की तलाश में विधायक और दावेदारों आयाराम गयाराम का दौर चलेगा। स्वामी प्रसाद मौर्य  तीन दिन पहले ही बसपा के एकविधायक के साथ भाजपा में शामिल हुए हैं। बसपा के दो पर्व विधायक विनोद हरित और लोकेश प्रजापति एक सप्ताह पहले बाजपा का दामन थाम चुके हैं। 
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